आवासीय लीज पर मिली जमीन का व्यावसायिक उपयोग करने के मामले में जिला प्रशासन ने मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया और दीक्षित प्राइड से जुड़े लोगों को नोटिस भेजा है।
जबलपुर। आवास के लिए लीज पर दी गई भूमि का बिना अनुमति क्रय-विक्रय और व्यावसायिक उपयोग करने पर जिला प्रशासन ने मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया के जिला अधीक्षक और निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 26 हजार वर्गफीट जमीन शासन के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सोमवार को तैयब अली चौक के पास दीक्षित प्राइड नाम से बनी इमारत पर नोटिस चस्पा किया गया।
यह कार्रवाई अपर कलेक्टर शेर ङ्क्षसह मीणा ने पूर्व बिशप पीसी ङ्क्षसह पर ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के तथ्यों के आधार पर की है। आरआई दिनेश यादव और अमले ने नोटिस चस्पा किया, तो बहुमंजिला इमारत में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हडक़म्प मच गया। पक्षकारों को रांझी तहसील कार्यालय में पक्ष रखने की मोहलत दी गई। इसमें यह बात सामने आई है कि मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया ट्रस्ट को यह भूमि शिक्षा सम्बंधी कार्य के लिए दी गई थी। लेकिन, यह बिना कलेक्टर की अनुमति के बेच दी गई।
नोटिस में कहा गया कि सिविल स्टेशन ब्लॉक नम्बर चार, प्लॉट नम्बर चार रकबा 6.0882 एकड़ भूमि का नवीनीकरण नहीं कराया गया। पूर्व में 30 वर्ष यानि 31 मार्च 1999 तक के लिए नवीनीकरण कराया गया। इस भूखंड की लीज नवीनीकरण की अवधि समाप्त हो गई है।
आरआई रिपोर्ट में सामने आया कि मुख्य मार्ग पर अब दुकानें हैं। इनका क्षेत्रफल 5880 वर्गफीट है। पीछे स्कूल है। उसका रकबा 2 लाख 59 हजार 235 वर्गफीट है। इसमें यह भी कहा गया कि ब्लॉक नम्बर चार और प्लॉट नम्बर पांच, जिसका रकबा 42 हजार 976 वर्गफीट है, का लीज नवीनीकरण वर्ष 2005 में कराया गया।
कई लोगों के नाम पर बिक्री
नोटिस में कहा गया कि पट्टे का नवीनीकरण आवासीय प्रयोजन के लिए किया गया है। लेकिन उपयोग व्यावसायिक हो रहा है। प्लॉट में 26,400 वर्ग फीट रकबा अंबिका चरण दीक्षित व अन्य के नाम पर दर्ज है। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार भूतल पर व्यवसाय एवं प्रथम तल पर हॉस्पिटल व आवासीय प्रयोजन के लिए उपयोग किया जा रहा है। नोटिस में कहा गया कि मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया के नाम पहली बार लीज पट़टा आवेदक ट्रस्ट को आवास लीज पर दिया गया था। इसकी बिक्री बिना अनुमति कर दी गई। 27 फरवरी को जिला अधीक्षक फादर मनीष एस. गिडियन को एसडीएम रांझी ने पत्र जारी कर आवंटन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा था। 17 मार्च तक दस्तावेज नहीं देने पर लीज निरस्त कर भूमि पुन: शासन मद में दर्ज करने की बात नोटिस में कही गई है।
इन्हें नोटिस जारी
जानकारी के अनुसार फादर मनीष एस. गिडियन, जिला अधीक्षक मेथोडिस्ट चर्च, अम्बिका चरण दीक्षित, सुधा दीक्षित, अनिल कुमार दुबे, उमारानी मिश्रा, डॉ. सूजन अब्राहम को नोटिस दिया है। जल्द जवाब देने के लिए कहा गया है।