wedding anniversary शादी की 25वीं या 50वीं वर्षगांठ मनाने का मतलब अब सिर्फ एक पार्टी करना नहीं रह गया है। अब ऐसे जोड़े शानदार जश्न के साथ अपने विवाह के क्षणों को फिर से जीवंत कर रहे हैं।
wedding anniversary : शादी की 25वीं या 50वीं वर्षगांठ मनाने का मतलब अब सिर्फ एक पार्टी करना नहीं रह गया है। अब ऐसे जोड़े शानदार जश्न के साथ अपने विवाह के क्षणों को फिर से जीवंत कर रहे हैं। इसके लिए बाकायदा वेडिंग प्लानरों की मदद ली जा रही हैं। रिजार्ट बुक कराए जा रहे हैं, डेस्टिनेशन वेडिंग भी हो रही हैं। समारोह दो से तीन दिन चलते हैं।
वर्षगांठ के मौके पर शादीशुदा जोड़े का फिर से विवाह करना शहर में एक नए चलन के रूप में उभरा है। ऐसा अक्सर 25 या 50वीं सालगिरह पर होता है। इसमें जोड़े विवाह की सभी रस्में निभाते हैं। रामपुर निवासी व्यवसायी विजय शर्मा ने बताया कि बच्चों की जिद पर उन्होंने अपनी शादी की 25वीं वर्षगांठ विवाह की तरह मनाई। आयोजन में नए तरीके अपनाए गए।
यह एक तरह का मनोरंजक ड्रामा होता है। गढ़ा के अरविंद जायसवाल कहते हैं कि माता-पिता की खुशी के लिए उनकी 50वीं सालगिरह पर उनकी फिर से शादी कराई। सगाई भी रखी। अपने माता-पिता की शादी सिर्फ फोटो में ही देखी थी, लेकिन इस शादी में तो हमने बाराती बनकर डांस भी किया। कांचघर के विनीत पांडे कहते हैं कि पापा-मम्मी की 25वीं सालगिरह रोचक तरीके से मनाई। पापा को बेटों ने और मम्मी को बेटी व बहू ने तैयार किया। पुरानी फोटो को मिलाकर जो क्लिपिंग बनाई गई, उसे सभी ने काफी पसंद किया।
कुछ जोड़े पर्यटन स्थल और अन्य जगहों पर भी डेस्टीनेशन वेडिंग आयोजित कर रहे हैं। विजयनगर के वरिष्ठ नागरिक सुरेश गुप्ता ने बताया कि उनके बच्चों ने हाल ही में उनकी शादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर फिर से विवाह आयोजित किया। जयमाला सहित सभी रस्मे हुईं। जबकि उनके विवाह में जयमाला नहीं हुई थी।
वेडिंग प्लानर्स ने बताया कि ऐसे आयोजनों में खास तौर पर तस्वीरें खींची जा रही हैं। इस चलन के लिए इंटरनेट मीडिया भी कुछ हद तक जिम्मेदार है। लोग अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर कुछ अनोखा पोस्ट करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि वे अपने करीबियों तक इस माध्यम से पहुंच सकते हैं।