
Snake bite in mp:एमपी में लगातार मानसून के सीजन के एक के बाद एक सांप के डसने से मरने की खबरें सामने आ रही है। वहीं दूसरी ओर करैत और कोबरा जैसे जहरीले सांपों के काटने के बाद मरीजों में लकवा (पैरालिसिस) जैसे गम्भीर लक्षण सामने आ रहे है। न्यूरोटॉक्सिक जहर के कारण कई मामलों में पीड़ित को यह तक पता नहीं चलता कि उसे सांप ने काटा है। ऐसे मामलों में 6 से 7 घंटे के भीतर शरीर की मांसपेशियां शिथिल होने लगती है और मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज में थोड़ी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती है। अभी तक कई ऐसे केस सामने आ चुके हैं।
मझौली निवासी 40 वर्षीय युवक सुबह बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था। उसके हाथ-पैर काम नहीं कर रहे थे, जिससे परिजनों ने लकवा होने की आशंका जताई। राइट टाउन स्थित निजी अस्पताल में जांच में पता कि उसे सांप ने डसा है। एंटी-स्नेक वेनम और अन्य उपचार शुरू होने के बाद चार दिन में मरीज स्वस्थ होकर घर लौट गया।
चरगवां निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति को गम्भीर अवस्था में मेडिकल अस्पताल लाया गया। उसकी केवल पलकें झपक रही थीं। मेडिसिन विभाग में प्राथमिक उपचार के बाद उसे न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। जांच में सर्पदंश का मामला सामने आया। उपचार शुरू होने के तीन दिन बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
27 वर्षीय महिला को लकवा जैसे लक्षणों के साथ गम्भीर हालत में निजी अस्पताल लाया गया। वहां से उसे मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया। भर्ती कर एंटी-स्नेक वेनम और अन्य उपचार शुरू किया गया। पांच दिन बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण मरीज की हालत गम्भीर हो गई थी।
-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।
लकवा जैसे लक्षण होने पर झाडफूंक या अन्य उपचार में देरी न करें। समय पर ऐंटी- एंटी-स्नेक वेनम मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। - डॉ. अनुपम साहनी, न्यूरोलॉजिस्ट
कई बार मरीज को सर्पदंश का पता ही नहीं चलता। ऐसे मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। लेट न करें तुरंत इलाज लें।- डॉ. नम्रता चौहान, न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, मेडिकल