युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ने और नवाचार पर काम करने की प्रेरणा देने के लिए जबलपुर स्मार्ट सिटी इन्क्यूबेशन सेंटर में इंटर्नशिप ड्राइव आयोजित की गई।
startups 2024 : युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ने और नवाचार पर काम करने की प्रेरणा देने के लिए जबलपुर स्मार्ट सिटी इन्क्यूबेशन सेंटर में इंटर्नशिप ड्राइव आयोजित की गई। इसमें शहर भर से आए युवाओं को स्टार्टअप मेंटर ने योग्यता के आधार पर इंटर्न की नियुक्ति की। (startups 2024) जबलपुर स्मार्ट सिटी के सीइओ सत्येन्द्र सिंह धाकरे ने कहा कि जिले में युवाओं और स्टार्टअप समुदाय को जोड़ने और इन स्टार्टअप से जुड़कर काम करने के लिए यह पहल की गई है।
ड्राइव को लेकर कॉलेजों और संगठनों में बूट कैम्प लगाए गए थे। इनमें 200 युवाओं ने पंजीयन कराया। जेआइसी की रेजिडेंट मेंटर प्रीति चौधरी ने बताया कि ड्राइव में 12 अभिनव स्टार्टअप शामिल हुए थे, जिन्होंने कार्यक्रम में शामिल युवाओं को योग्यता के अनुसार बतौर इंटर्न नियुक्त किया।
टॉप 12 स्टार्टअप में सोशल वॉलेट, हरतलकर इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड, ब्यूकोरिल एवं हिडन हैंड फैमिली वाला ईशॉप प्राइवेट लिमिटेड ने इंटर्न नियुक्त किए। स्टार्टअप कम्पनी की ओर से इंटर्न के साक्षात्कार लिए गए। दस्तावेजों के आधार पर 40 हजार तक के पैकेज पर 70 से अधिक इंटर्न की नियुक्ति की गई। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव शाक्य, सीए अंशुल रामचंदानी मौजूद थे।
यह स्टार्टअप ऑनलाइन स्टेरियल से जुड़ा है। इसमें मेंटर ने शहर के तमाम स्टेशनरी दुकानों से अनुबंध कर ऑनलाइन स्टोर में शामिल किया है। कई स्कूलों को भी जोड़ा गया है। इससे जुड़कर ऑनलाइन खरीदी की जा सकती है।
इस स्टार्टअप में मेंटर्स ने नेचुरल खेती से जुड़ने वाले युवाओं को बतौर इंटर्न रखा। स्टार्टअप में कृषि से जुड़े उत्पाद बनाए जाते हैं।
यह स्टार्टअप मूलत प्राकृतिक खाद, वर्मी कम्पोस्ट, कैमिकल फ्री खाद के निर्माण से जुड़ा है। मेंटर के अनुसार वर्तमान में रसायनमुक्त खाद आवश्यक है। केंचुआ ऑर्गेनिक्स में यही खाद तैयार होती है।
इस स्टार्टअप के जरिए युवाओं ने नवाचार की नई सोच दिखाई। यह स्टार्टअप ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो वाहनों की रिपेयरिंग से जुड़ा है। सुनसान रास्तों में होने वाली गाड़ी में खराबी को दूर करने के लिए यह स्टार्टअप बनाया गया है।
यह स्टार्टअप ऑटोमेशन से सम्बंधित है। इसमें वे उत्पाद तैयार किए जाते हैं जो किसानों की कई समस्याओं को सुलझा सकते हैं। युवाओं ने ऐसे यंत्र बनाए हैं जो पानी की ऑटोमेटिक सप्लाई, दवाओं के छिड़काव के लिए हैं।