
जबलपुर. कोरोना का कहर लगातार तेज होता जा रहा है। इसमें कोरोना वायरस की बदलती प्रकृति ज्यादा घातक साबित होने लगी है। अब Sadden death ने डॉक्टरों को परेशानी में डाल दिया है। हालांकि एम्स दिल्ली ने कुछ दिन पहले ही कोरोना से अचानक हो रही मौत को लेकर चिंता जताई थी। बताया था कि कोरोना वायरस की बदली प्रकृति के चलते जो मरीज स्वस्थ होता दिखता है अचानक उसके सारे आर्गन काम करना बंद कर देते हैं और उसकी मौत हो जाती है। ऐसा ही कुछ अब जबलपुर में ही होता नजर आ रहा है, जिसे लेकर डॉक्टर भी परेशान हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि हाल के दिनों में ऐसे कई मरीजों की कोरोना से मौत हुई है जिन्हें देख कर उम्मीद की जा रही थी कि वो जल्द स्वस्थ हो कर डिस्चार्ज हो जाएंगे। लेकिन पल भर में ही सब कुछ बदल गया और उनकी मौत हो गई। ऐसे हाल के दिनों में ही देखने में आ रहा है। दो-चार महीने पहले तक ऐसी स्थिति नहीं थी। लेकिन अब तो रिकवर होते-होते, देखते ही देखते सब कुछ खत्म हो जा रहा है।
उनका कहना है कि ऐसे मरीजों का अचानक ही फेफड़ा, हृदय, लीवर, यकृत सब कुछ एक साथ काम करना बंद कर देते हैं। जिससे सडेन डेथ हो रही है। यह बहुत ही घातक है। वे बताते हैं की मरीज में ऑक्सीजन सेच्यूरेशन इस तेजी से गिरता है कि हाई फ्लो, वेंटिलेटर सपोर्ट भी काम नहीं कर पाते। कुछ समय में ही मरीज दम तोड़ रहे हैं। शहर में ऐसे मरीजों की भी मौत हुई जिन्हें रेमसेडिवर व अन्य महंगे इंजेक्शन दिए गए, हालत में पहले तो कुछ सुधार दिखा फिर अचानक हालत बिगड़ी तो बचाया नहीं जा सका।