
जबलपुर। पनागर थाना अंतर्गत पौरुआ गांव में झाड़-फूंक के बहाने नाबालिगों को आश्रम में रखने वाले और पुलिस की दबिश के बाद आश्रम में आगजनी की साजिश के आरोपी तांत्रिक मोहन सिंह उर्फ पंडा को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी पर दो अलग-अलग प्रकरणों में एसपी ने पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
पनागर के पौरुआ गांव में करता था झाडफ़ूंक, फरार इनामी आरोपी तांत्रिक गिरफ्तार
पनागर टीआई आरके सोनी ने बताया कि पौरुआ पनागर में मोहन पंडा आश्रम बनाकर झाडफ़ूंक करता था। आश्रम में पांच नाबालिगों सहित 10 महिलाओं को उनके घरवालों की अनमुति के बिना ठहरने की सूचना पर पुलिस ने आठ जुलाई को दबिश दिया था। अगले दिन पुलिस ने सभी नाबालिगों को उनके परिजन के सुपुर्द किया था। नौ जुलाई को दोपहर बढ़ैयाखेड़ा के विक्की ठाकुर, विकास ठाकुर, संख्या तेकाम, नीलू ठाकुर और दो 17 वर्षीय नाबालिग किशोरियों ने उसके आश्रम में आग लगा दी। पुलिस ने धारा 147, 436, 120 बी के तहत मामला दर्ज किया।
तांत्रिक मोहन की भूमिका
आश्रम में आग लगवाने के पीछे तांत्रिक मोहन सिंह की भूमिका सामने आई थी। किशोरियों ने अपने बयान में कहा था कि तांत्रिक मोहन उनसे मजदूरी कराता है। मजदूरी के पैसे भी वही रखता था। इस मामले में बाल कल्याण समिति ने मोहन ठाकुर के खिलाफ धारा 79, 81, 84, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत एक और एफआईआर दर्ज कराई थी। दोनों प्रकरणों में एसपी ने पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पनागर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को मोहन सिंह उर्फ पंडा को गिरफ्तार कर लिया।