चालक सो गया और दौड़ती रह गई एलटीटी एक्सप्रेस

चेनपुलिंग के बाद दो किलोमीटर दूर थमे पहिए, जांच में सामने आई बात गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस का मामला

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Aug 14, 2016
Slip person killed by train, the GRP said suicide
जबलपुर . गोरखपुर-एलटीटी 11082 अप एक्सप्रेस टे्रन धड़धड़ाती दौड़ती रही और इंजन में लोको पायलट सो गया। टे्रन नरसिंहपुर स्टेशन पर बिना रुके निकल गई। प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री टे्रन को ताकते रह गए। जिन्हें नरसिंहपुर स्टेशन पर उतरना था, उनमें भी हड़कंप मच गया। यात्रियों ने टे्रन को चेन पुलिंग कर रोका, तब तक वह स्टेशन से दो किलोमीटर आगे निकल चुकी थी। गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली साप्ताहिक एक्सप्रेस टे्रन तड़के 3.55 बजे जबलपुर आती है। बीते सप्ताह लोको पायलट सतीश कुमार और असिस्टेंट लोको पायलट विजय शंकर जबलपुर से ट्रेन लेकर रवाना हुए थे। लोको पायलट सतीश कुमार गाड़ी दौड़ा रहा था। टे्रन को नरसिंहपुर स्टेशन पर दो मिनट के लिए ठहरना था। नरसिंहपुर स्टेशन पहुंचने के कुछ देर पहले लोको पायलट सतीश कुमार को नींद का झांेका आ गया। उसकी आंख लग जाने से टे्रन बिना रुके नरसिंहपुर स्टेशन को पार कर गई।

सस्पेंड हुआ, मेजर पेनाल्टी की तैयारी
इस घटना ने मंडल रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। लोको पायलट को सस्पेंड करते हुए जांच शुरू की गई। लोको पायलट व असिस्टेंट लोको पायलट के बयान दर्ज किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि लोको पायलट सतीश कुमार ने जांच कर रहे अफसरों के सामने अपनी गलती मानते हुए स्वीकार किया है कि उसे नींद का झोंका आ गया था। मंडल रेल प्रशासन ने उसके खिलाफ मेजर पेनाल्टी की कार्रवाई की कवायद शुरू कर दी है।

असिस्टेंट लोको पायलट विजय शंकर ने अफसरों द्वारा की गई पूछताछ में बताया कि उसने नरसिंहपुर स्टेशन आने के पहले भी लोको पायलट को आवाज दी थी। लेकिन उसे नहीं पता था कि सीट पर बैठे लोको पायलट को नींद का झोंका आ गया था। रेल प्रशासन ने जांच में लोको पायलट को ही मुख्य रूप से दोषी माना है।
Published on:
14 Aug 2016 12:58 am
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