
जबलपुर। नर्मदा के किनारे बसे जबलपुर शहर को धार्मिक नगरी भी कहा जाता है। लेकिन, यहां मासूमों के साथ नृशंस वारदातें भी खूब होती रही हैं। हाल ही में शहर के धनवंतरी नगर निवासी बड़े कारोबारी मुकेश लाम्बा के बेटे आदित्य लाम्बा (13) का दो करोड़ रुपए फिरौती के लिए अपहरण और हत्या की वारदात से पूरा शहर गुस्से में है। गुस्सा इस बात का है कि आदित्य को बचाने के जो प्रयास होने चाहिए थे, नहीं हुए। कई ऐसे मौके पुलिस ने गवां दिए, जो आरोपियों की धरपकड़ में निर्णायक साबित हो सकते थे। पुलिस अधिकारियों का अलग दावा है कि आदित्य की सलामती की प्राथमिकता के चलते वे कई कदम नहीं उठा पाए। असल में तीन अनाड़ी से अपहरणकर्ता की रणनीति पुलिस के संसाधनों पर भारी पड़ी। आदित्य से पहले भी संस्कारधानी में नृशंस वारदातें हुई हैं। तब भी लोगों का आक्रोश इसी तरह से छलका था।
शहपुरा हत्याकांड : 16 सितम्बर 2020 की देर रात शहपुरा क्षेत्र निवासी दो वर्षीय मासूम को घर के अंदर से सोते हुए एक दरिंदा उठा ले गया। बलात्कार के बाद उसने मासूम को मार डाला। इस हत्या व बलात्कार से भी लोग उद्धेलित हुए थे।
देविका हत्याकांड : 17 जनवरी 2020 की रात तिलवारा थानांतर्गत भैरव नगर निवासी डेढ़ वर्षीय मासूम देविका का अपहरण हो गया। उसकी लाश 40वें दिन पास के एक कुएं में मिली थी। पिता ही हत्यारा निकला था।
बादल हत्याकांड : 10 अप्रैल 2019 को चरगवां के बिजौरी-सगड़ा गांव निवासी 10 वर्षीय बादल गिरी गोस्वामी को अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। तीसरे दिन उसकी लाश मिली थी। हत्या में उसके बड़े पिता सहित गांव के ही तीन लोग शामिल थे।
कटंगी हत्याकांड: 19 अगस्त 2018 की शाम क्षेत्र की पांच वर्षीय मासूम गायब हो गई। खुलासा हुआ तो दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। 19 वर्षीय युवक ने बलात्कार के बाद हत्या कर शव सेप्टिक टैंक में फेंक दिया था।
आरोही हत्याकांड : 07 सितम्बर 2014 को सिविल लाइंस जैक्सन निवासी छह महीने की आरोही गायब हो गई। 11 को पुलिस ने खुलासा किया तो आरोपी सगी मां निकली। उसने बेटी को कैरीबैग में भरकर बरगी हिल्स में एक नाले में फेंक दिया था।