आन्सरशीट में अनावश्यक न लिखें, सेक्शन में डिवाइड करें
जबलपुर। कॉलेजों में परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। हर कॉलेज में अपने-अपने टाइम टेबल के मुताबिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। डिग्री कॉलेजों में पहली बार इयर्ली सिस्टम से परीक्षाएं हो रही हैं, वहीं सेमेस्टर की परीक्षाएं भी शुरू होना बाकी है। यदि आप भी डिग्री कॉलेजों की इयर्ली या सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हो रहे हैं तो बहुत ध्यान देने की जरूत है। परीक्षा की तैयारी एेसी हो, जिससे आप बेहतर परफॉर्म कर सकें। आइए आपको बता रहे हैं कि इस बार किन चीजों का ध्यान रखा जाए, जिससे आपकी परीक्षा अच्छे से हो सके।
टाइम मैनेजमेंट
फस्र्ट इयर की छात्राओं के लिए पहली बार इयर्ली सिस्टम होने जा रहा है। इसमें एक ही विषय के दो सब्जेक्ट हैं, जो कि 40-40 माक्र्स के हैं। 10-10 माक्र्स उनके अर्धवार्षिक परीक्षाओं के शामिल रहेंगे। एेसे में स्टूडेंट्स को यह ध्यान रखना होगा कि वे टाइम मैनेजमेंट बैठाकर पेपर सॉल्व करें।
फ्लो चार्ट बनाकर रिविजन
चाहे इयर्ली सिस्टम वाले स्टूडेंट्स हों या फिर सेमेस्टर, सभी को यह ध्यान रखना होगा कि आपके सिलेबस में क्या-क्या शामिल है। सेक्शन वाइज डिवाइड करके पढ़ाई करें। ज्यादा हो तो हर यूनिट का फ्लो चार्ट बनाएं। इससे पढऩे और रिविजन करने में बहुत आसानी होती है। एक्सपर्ट डॉ. सुलेखा मिश्रा ने बताया कि जिनके एग्जाम अभी स्टार्ट होने वाले हैं, वे फ्लो चार्ट बनाएं। रिविजन अच्छा होता है।
ये पॉइंट रखें ध्यान
- सिलेबस और यूनिट के हिसाब से पढ़ाई करें।
- क्वेश्चन पेपर का पैटर्न पहले ही पता है। स्टूडेंट्स माक्र्स का डिविजन करें और उसके अनुसार से पेपर सॉल्व करना शुरू करें।
- टाइट सिक्योरिटी के बीच परीक्षाएं होती हैं तो स्टूडेंट्स इसी मानसिकता के साथ पढ़ें कि पेपर में खुद ही खुद की मदद कर पाएंगे।
- पेपर सेक्शन वाइज आते हैं तो उन्हें सेक्शन के अकॉर्डिंग ही सॉल्व करें। एेसा न हो कि सेक्शन का एक दो सवाल करने के बाद दूसरे सेक्शन की ओर पहुंच जाएं।
- लघुत्तरीय, दीर्घउत्तरीय प्रश्नों को उनके माक्र्स के हिसाब से हल करें। आन्सरशीट भरने की कोशिश न करें। अनावश्यक लिखने से बचें।
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