जाम का भंवरजाल- नए साल के चार प्लान, दिलाएंगे मुक्ति 

ट्रैफिक पुलिस ने पहले चरण में ब्लूम चौक, तीन पत्ती, नौदराब्रिज, रसल चौक, मॉडल रोड को व्यवस्थित बनाने का प्लान बनाया है

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Jan 03, 2017
Traffic
जबलपुर। नए साल में ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों को जाम से राहत दिलाने के लिए चार प्लान बनाए हैं। इसके तहत 21 ब्लैक स्पॉट की खामियों को दूर करने के साथ चौराहों-तिराहों पर जाम के सबब बनने वाले लेफ्ट टर्न से कब्जे हटाए जाएंगे। उधर, रविवार को साल के पहले दिन शहर और आउटर पर लगे जाम के चलते सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो बस सहित दर्जन भर ऑटो पर कार्रवाई की।

व्यवस्थित बनाने का प्लान

ट्रैफिक पुलिस ने पहले चरण में ब्लूम चौक, तीन पत्ती, नौदराब्रिज, रसल चौक, मॉडल रोड को व्यवस्थित बनाने का प्लान बनाया है। सबसे पहले मॉडल रोड को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर मार्किंग कर पार्किंग की जगह तय होगी। ट्रैफिक पुलिस पीए सिस्टम से बताएगी कि किस रास्ते पर जाम है और कहां से रास्ता बदलना है

ब्लैक स्पॉट से निपटने यह किया

डीएसपी सुदेश सिंह ने बताया कि निगम ने सृजन चौक, खंदारी नाला, पनेहरा पम्प से इंजीनियरिंग कॉलेज, दर्शन तिराहा मार्ग पर डिवाइडर बनाकर दुर्घटना मुक्त करने की कोशिश की। एक साल में यहां 50 प्रतिशत कम दुर्घटनाएं हुई हैं। चौराहे व तिराहे के लेफ्ट टर्न पर ऑटो रोकना, ठेला लगाना प्रतिबंधित। सोमवार को नौदराब्रिज, एमएलबी मोड़ और तीन पत्ती पर खड़े ऑटो पर कार्रवाई। सेंट नॉर्बट स्कूल के पास सड़क पर सवारी बैठा रहे दर्जन भर ऑटो जब्त। धार्मिक आयोजनों पर जाम से निपटने के लिए आयोजक से रूट चार्ट लेंगे। चिन्हित स्थल या रूट के वाहन डायवर्ट होंगे।

ये भी दिखा नजारा

लेबर चौक पर स्कूलों की छुट्टी के दौरान ट्रकों की आवाजाही नो-एंट्री में भी जारी थी। तीन पत्ती के पास बाइक पर एक कुनबे के पांच सदस्य सवार नजर आए। सिविक सेंटर जैसे स्थान पर बस की छत पर यात्री बैठे दिखे।

एक खत ट्रैफिक एएसपी के नाम

मैडम,
मैं एक आम वाहन चालक हूं। खाली सड़क पर फर्राटे नहीं भरता। सिग्नल पर नियमों की पालना करता हूं। हेलमेट लगाता हूं। गलती से भी ओवरटेक नहीं करता। रॉन्ग साइड चलने के बारे में तो कभी सोचता भी नहीं। जेब्रा लाइन से दो फीट पीछे रुक जाता हूं। बिना हाथ दिए/इंडीकेटर जलाए टर्न नहीं लेता। वाहन के सभी दस्तावेज साथ लेकर चलता हूं। लेकिन, आज मेरा दर्द उमड़ रहा है। एक आम चालक की हैसियत से आपसे कुछ सवाल कर रहा हूं। आखिर क्यों मुख्य बाजारों में जाने से डर लगता है? सराफा, लार्डगंज, फुहारा, गंजीपुरा, गोरखपुर, तीनपत्ती, दमोहनाका, रद्दीचौकी, भानतलैया जैसे इलाकों में वाहन पार्क करने के लिए तिल भर जगह क्यों नहीं मिलती? नए साल के पहले दिन पूरा शहर जाम से कराह क्यों उठा? मुख्य प्वाइंट्स पर भी पुलिस के जवान नजर क्यों नहीं आते?
हेलमेट चैकिंग करते समय सीधे-साधे चालकों को अपराधी की तरह घेरकर पकड़ा जाता है, यह पुलिस की शैली हो सकती है। लेकिन, पुलिस के सामने से ही कुछ लोग हूटर बजाते हुए रॉन्ग साइड से तूफानी रफ्तार में बाइक कैसे निकाल ले जाते हैं? मैडम, आप शहर में नई हैं। लेकिन, एक सप्ताह में यदि आपने शहर की किसी भी सड़क पर नजर दौड़ाई होगी, तो अराजकता जरूर दिख गई होगी। क्या यह मामूली बात है? आप कह सकती हैं कि शहर में नई हैं। आप नई हैं, इसलिए शायद नए साल में कुछ नए की उम्मीद हम जैसे आम चालक कर सकते हैं। मैडम, मेरा अनुभव बोलता है कि उक्त सवालों का जवाब कोई भी अधिकारी आसानी से दे सकता है। आप भी दे सकती हैं। लेकिन, इसके लिए ईमानदार कोशिश करनी होगी। अभी तक बहुत कुछ हुआ है। लेकिन, दावे ज्यादा हुए हैं। असल तस्वीर बदसूरत ही होती गई है। उम्मीद है आप कुछ नया करेंगी। कुछ सार्थक करेंगी। कुछ पॉजिटिव रिजल्ट लाएंगी...।

79 वाहनों की चैकिंग, चार के फिटनेस निरस्त

जबलपुर. परिवहन विभाग ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन ओवरलोडिंग और बिना परमिट वाले वाहनों की चैकिंग की। आरटीओ जितेंद्र सिंह रघुवंशी के साथ अमले ने अधारताल से करौंदा बायपास, पनागर, गोसलपुर होते हुए कटंगी तक चैकिंग की। 79 वाहनों की चैकिंग में चार के फिटनेस निरस्त किए गए।
बदली रणनीति

पहले दिन कटंगी चौराहे पर दिखावे की कार्रवाई को लेकर घिरे विभाग ने रणनीति बदली। टीम ने दोपहर 12 बजे मालगोदाम से चैकिंग शुरू की। मिनी मेट्रो का चालान बनाकर टीम अधारताल पहुंची, तो आधा दर्जन ऑटो के ग्रिल काटकर हटाए गए। यहां से टीम करौंदा, पनागर, गोसलपुर व कटंगी गई। दो वाहनों के फिटनेस नहीं मिले। 10 ऑटो, बस व लोडिंग वाहन बिना परमिट के मिले। एक वाहन में प्रेशर हॉर्न मिलने पर 1500 रुपए जुर्माना लगाया।
Published on:
03 Jan 2017 07:06 am
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