प्रशासन बेखबर…सब्जी उगाने वाले मालामाल, लोग खा रहे ‘हरा जहर

नालों और सीवेज के पानी से सींची जा रही सब्जियां

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Oct 17, 2016
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जबलपुर. प्रतिबंधित होने के बावजूद शहर में नालों और सीवेज के पानी से उगाई गई सब्जियां घरों तक पहुंच रही हैं। जिला प्रशाासन सहित नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में से किसी की नींद नहीं टूट रही है। साल भर पहले हाईकोर्ट ने नालों और सीवेज के पानी से उगाई गई सब्जियां जब्त कर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस आदेश पर निगम के बाजार विभाग ने दर्जन भर स्थानों पर बड़ी मात्रा में नालों और सीवेज के पानी से उगाई गई सब्जियों को नष्ट भी कराया था। खेती करने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश थे। पत्रिका ने शहर में बिक रही सब्जियों के बारे में पता किया तो चौंकाने वाले नजारे दिखे।

इसलिए खतरनाक
नाले में घर, अस्पताल, वाहनों के सर्विस सेंटर और वॉशिंग सेंटर्स का पानी होता है, अस्पतालों की सफाई में खतरनाक रसायन निकलते हैं, वाहनों का तेल, ग्रीस धुलाई के बाद सीधे नालों में जाता है, नाले के पानी में अमोनिया, आर्सेनिक, पारा, लेड, क्लोराइड, फ्लोराइड, निकिल, केडमियम, पेस्टीसाइड, बायोकेमिकल ऑक्सीजन की मात्रा खतरनाक स्तर तक घुला होता है, नाले के पानी से सब्जियों की सिंचाई होती है, तो खतरनाक रसायनों के अवयव सब्जियों में भी पहुंच जाते हैं, लोग बाजार से जिसे हरी और ताजी सब्जी जानकर खरीदते हैं, दरअसल उसमें धीमा जहर होता है, इस तरह सेहत पर पड़ता है असर, चिड़चिड़ापन, पेट दर्द, गैस बनना, अपच, सिरदर्द, उच्च रक्तचाप, टीबी, कैंसर और भूलने की बीमारी।

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इन स्थानों पर सिंचाई
अमखेरा रोड- गोहलपुर से अमखेरा रोड पर सीवेज निकला है। इसके खतरनाक पानी से यहां 12 से 15 किसान गोभी, बैंगन, पालक, चौराई की खेती कर रहे हैं।
गोहलपुर- रेयान स्कूल के पास बड़ा नाला निकला है। इसके किनारे 25 लोग 10 एकड़ में गोभी, बैंगन, पालक, मिर्च, पालक आदि की खेती कर रहे हैं।
कछपुरा-एमआर 4- कछपुरा के पीछे और एमआर-4 से जेडीए की स्कीम 42 तक केला, गिलकी, करेला, गोभी, मटर, टमाटर की बुआई हुई है। पास से निकले नाले से सिंचाई की जा रही है।
Published on:
17 Oct 2016 01:50 am
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