
जबलपुर। देवों के जागने के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा पिछले 4 माह का विश्राम भी समाप्त हो गया है। अब गली गली मांगलिक धुनों के साथ शहनाईयां बजेंगी बारात निकलेगी और डोलिया सजेंगी। चार माह तक देव विश्राम में रहते हैं इसलिए इस दौरान समस्त मांगलिक कार्यों पर भी विराम लग जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस दौरान देवशयन कक्ष में निद्रा में होते हैं उस समय विवाह नहीं करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य सचिन देव महाराज के अनुसार मांगलिक कार्यों के लिए नवंबर और दिसंबर का माह बहुत ही श्रेष्ठ है। इस दौरान लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक मुहूर्त ऐसे हैं जो वर वधू को सुखी दांपत्य जीवन में कष्ट मुक्त परिवार बसाने का अवसर प्रदान करेंगे।
नवंबर माह में सबसे ज्यादा मुहूर्त हैं - 11 नवंबर से शुरू होने वाले विवाह मुहूर्त 30 नवंबर तक रहेंगे कुल 11 विवाह मुहूर्त नवंबर में बन रहे हैं। वहीं दिसंबर में 1 तारीख से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे जो 11रहेंगे। बीच 6 मुहूर्त कुल श्रेष्ठ मुहूर्त रहेंगे। इन में कन्या और पुत्र का विवाह संपन्न कराया जा सकता है।
वही साल 2018 में जनवरी माह में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। फरवरी में 6 तारिख से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे जो 21 तक चलेंगे। कुल 5 मुहूर्त रहेंगे। वहीं मार्च में 2 तारीख से 12 तारीख के बीच कुल 7विवाह मुहूर्त बन रहे।
पहले कुंडली मिलान फिर मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पहले कुंडली मिलान उचित होता है। ज्योतिषाचार्य या कुंडली के जानकार से कुंडली मिलान होने के बाद विवाह मुहूर्त तय करें। क्योंकि लोग अपनी सुविधानुसार पहले विवाह मुहूर्त देख लेते हैं उसके बाद कुंडली मिलान होता है। जिस से कई बार बाधा उत्पन्न होती हैं। यदि कुंडली के अनुसार विवाह मुहूर्त मिलवाया जाए तो यह श्रेष्ठ विवाह मांगलिक कार्यक्रम कहलाता है। इससे अन्य बाधाएं दूर हो जाती हैं और दांपत्य जीवन सुखी रहता है।
साल 2017 में विवाह के शुभ मुहूर्त
नवंबर में 11,12, 13, 14, 19, 23, 24, 25, 28, 29, 30 तारीख को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं।
दिसंबर में 1, 3, 4, 9, 10, 11 तारीख को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं।
2018 में विवाह के शुभ मुहूर्त
फरवरी में 6,18, 19, 20, 21 को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं।
मार्च में 2, 3, 5, 6, 7, 8,12 को विवाह मुहूर्त बन रहे हैं।