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Water crisis : गर्मी शुरू होने से पहले ही गढ़ा के कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है। नगर निगम के नल पानी कम और हवा ज्यादा उगल रहे हैं। पाइप लाइन में पर्याप्त प्रेशर नहीं होने से छुई खदान, गंगासागर, शारदा चौक, भूकम्प कॉलोनी सहित कई मोहल्लों के लोग पीने के पानी के संकट से जूझ रहे हैं। पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। निदान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। निवासियों ने कहा कि यही हालात रहे तो गर्मी में पीने के पानी के लिए हलाकान होना पड़ेगा।
क्षेत्रीयजनों का कहना है कि यहां पानी की किल्लत गुलौआ टंकी के कारण है। इस टंकी से पहले यादव कॉलोनी और नीचे की तरफ के कुछ क्षेत्रों में सप्लाई की जाती है। इसके बाद गढ़ा की बारी आती है। तब तक टंकी आधी खाली हो जाती है और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच पाता।
मदन महल, शारदा चौक, गंगासागर, इससे लगे छुई खदान क्षेत्र एवं भूकम्प कॉलोनी में जलसंकट गहराने लगा है। स्थानीय निवासी विजय बर्मन ने बताया कि अभी क्षेत्र में 15-20 मिनट के लिए ही नलों से पानी आ रहा है। पानी की वितरण व्यवस्था ठीक न होने लोगों को पानी के लिए रोजाना पसीना बहाना पड़ रहा है। दूर-दूर तक पानी की तलाश में लोग अभी से भटक रहे हैं।
गंगासागर निवासी बसंत प्रजापति ने बताया कि सुबह-शाम नल चालू होते ही शारदा चौक सहित निचले इलाके के लोग वॉटर पम्प लगाकर पानी खींच लेते हैं। इसके कारण नलों से पानी की धार पतली हो जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बने घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति करने नगर निगम प्रशासन की ओर से टैंकरों से भी जलापूर्ति नहीं की जा रही है। भूकम्प कॉलोनी के शरद विश्वकर्मा का कहना है कि पीने का पानी बहुत कम मिल रहा है।