
जबलपुर। रसातल में समा रहे जल के मद्देनजर वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन बड़ी पहल करेगा। इसके तहत केंद्रीय व राज्य शासन से सम्बद्ध सभी कार्यालयों के प्रमुखों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विक सित करने के लिए सर्कु लर जारी किया जाएगा।
निगरानी स्वयं कलेक्टर करेंगे
इस पर कितना अमल हो रहा है इसकी निगरानी स्वयं कलेक्टर भरत यादव करेंगे। वे स्वयं समय-समय पर फॉलोअप भी लेंगे। छोटे, मध्यम व बड़े तीनों आकार के भवन परिसरों के हिसाब से जल संवर्धन के लिए अनुकूल संरचना विकसित करने ड्राइंग-डिजाइन तैयार कराई जा रही है।
ठेकेदारों की भी ली जाएगी मदद
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने के लिए जिला प्रशासन विकास कार्यों में संलग्न ठेकेदारों की मदद ली जाएगी। इसके लिए कार्पोरेट रेस्पॉसबिल्टी सर्विस(सीएसआर) का भी उपयोग किया जाएगा। जिससे सरकारी कार्यालय परिसरों में व अन्य स्थानों में वृहद स्तर पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जा सके।
इनके पास वृहद परिसर
800 शासकीय स्कूल भवन
15 शासकीय कॉलेज भवन
06 विश्वविद्यालय भवन
कलेक्ट्रेट व सभी तहसील कार्यालय परिसर
निगम मुख्यालय व सभी जोन कार्यालय परिसर
90 के लगभग राज्य शासन के कार्यालय परिसर
25 से ज्यादा केन्द्रीय शासन के कार्यालय परिसर
04 डिफें स फै क्ट्री व
उनसे संबद्ध अन्य इकाइयां
आवश्यक संरचनाओं का विकास किया जाएगा
वर्षा जल को भूगर्भ में पहुंचाने के लिए सरकारी कार्यालय परिसरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रमुख शासकीय कार्यालयों में आवश्यक संरचनाओं का विकास किया जाएगा।
भरत यादव, कलेक्टर