water sports : शहर के ऐतिहासिक गोकलपुर तालाब की गंदगी ने वॉटर स्पोट्र्स का रास्ता रोक रखा है। पिछले दो सालों से कागजों पर बन रही योजना आज तक धरातल पर नहीं आ सकी है। वहीं नेताओं की घोषणा के बाद शुरू हुई बोटिंग भी बंद हो चुकी है। ऐसे में वॉटर स्पोट्र्स के शौकीन […]
water sports : शहर के ऐतिहासिक गोकलपुर तालाब की गंदगी ने वॉटर स्पोट्र्स का रास्ता रोक रखा है। पिछले दो सालों से कागजों पर बन रही योजना आज तक धरातल पर नहीं आ सकी है। वहीं नेताओं की घोषणा के बाद शुरू हुई बोटिंग भी बंद हो चुकी है। ऐसे में वॉटर स्पोट्र्स के शौकीन खिलाडिय़ों को अभी और इंतजार करना पड़ रहा है। खिलाडिय़ों का कहना है कि तालाब की सफाई व जेट्टी बन जाए तो यहां खेल शुरू हो सकते हैं। ये काम भोपाल स्तर पर अटके पड़े हैं।
जानकारी के अनुसार गोकलपुर तालाब को वॉटर स्पोट्र्स के लिए उपर्युक्त माना गया है। वॉटर स्पोट्र्स, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग, सेलिंग और ड्रैगन बोट संचालित करने के लिए 1000 फीट लंबाई और 800 फीट चौड़ाई के साथ भरपूर पानी होना आवश्यक है। जिसके लिए यह तालाब तय मानकों पर खरा उतरा है। इसी को ध्यान में रखकर दो साल पहले यहां वॉटर स्पोट्र्स शुरू कराने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए दो बोट भी मंगवाई गईं, कोच नियुक्त किए गए थे, लेकिन सुविधाएं न होने से कुछ दिनों में खेल गतिविधियां बंद हो गईं।
तालाब की गंदगी, आसपास साफ-सफाई नहीं होने से प्रेक्टिस करने वाले खिलाडिय़ों ने आना बंद कर दिया था। क्योंकि तालाब की गंदगी से वे बीमार होने लगे थे। यही वजह है कि धीरे-धीरे सभी ने आना बंद कर दिया।
जिला खेल अधिकारी आशीष पांडे ने बताया गोकलपुर तालाब को प्रमुख जल क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। दो साल पहले वॉटर स्पोट्र्स के लिए तैयार करने का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया था। संभवत: इस साल वहां से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। फिलहाल तालाब को साफ कराने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल दो बोट के सहारे नर्मदा में चार-पांच खिलाडिय़ों को प्रेक्टिस कराई जा रही है।