
जबलपुर. द्रोणिका और दो चक्रवात के असर से सोमवार की शाम को शहर में 28-30 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चली। तेज हवा के साथ ही बादल गरजने लगे। शाम 7 बजे के बाद आकाशीय बिजली चमकी। उसके बाद कहीं-कहीं हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। बारिश का जोर कहीं तेज और कहीं मध्यम रहा। रात में मौसम पूरी तरह बदल गया। शीतल हवा चली।
फिर बदला मौसम का मिजाज, 30 किमी प्रतिघंटा की गति से चली हवा
हवा और बारिश से लुढक़ा पारा, दिन में रही बादलों की आवाजाही
चक्रवाती प्रभाव के कारण सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। दोपहर में भी धूप खिलने पर भी आसपास के जिलों से आई नमी और उत्तरी हवा के आने से तापमान में गिरावट आयी। गर्मी का असर कम रहा। दोपहर को धूप में भी हवा के कारण शीतलता का अहसास बना रहा।
ढाई डिग्री लुढक़ा पारा
बादल और हवा-पानी ने सोमवार को पारे में करीब ढाई डिग्री की गिरावट आई। अधारताल स्थित मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री था। यह सोमवार को लुढकक़र 35.8 डिग्री सेल्सियस रह गया। रविवार को न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री था। यह भी लुढकऱ रविवार को 21.6 डिग्री पर पहुंच गया।
आद्र्रता सुबह के समय 61 प्रतिशत और शाम को 36 प्रतिशत थी। मंगलवार को सम्भाग के जिलों में कही-कहीं दोपहर या शाम तक आंधी तेज हवा या हल्की वर्षा होने की सम्भावना है। मौसम विज्ञान केन्द्र में वैज्ञानिक सहायक देवेन्द्र कुमार तिवारी के अनुसार उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और पूर्वी विदर्भ के ऊपर और आसपास बने चक्रवात के कारण सोमवार को मौसम में परिवर्तन हुआ। 15 अप्रैल से लेकर 15 मई तक का समय काल बैसाखी नॉर्वेस्टर कहलाता है। इसमें दोपहर-शाम को उत्तर पश्चिम दिशा से आंधी या तूफान उठता है, जो कि 5 से 10 मिनट के बीच हल्की बारिश गरज-चमक के साथ सामाप्त हो जाता है।