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फिंगरप्रिंट फेल होने की परेशानी होगी खत्म, 3.89 लाख राशन कार्डधारकों को मिलेगी राहत

स्मार्ट पीडीएस सिस्टम होगा लागू, अब आईरिस स्कैन और डिजिटल तौल से मिलेगा राशन, जिले में 95.7 प्रतिशत हितग्राही उठा रहे खाद्यान्न का लाभ
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Iris-based Smart PDS system to be launched

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जबलपुर. जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) अब पूरी तरह स्मार्ट और तकनीक आधारित होने जा रही है। खाद्य विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता और सटीकता लाने के लिए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत राशन दुकानों में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के साथ आईरिस (आंख) स्कैनर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली स्थापित की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों, दिव्यांगों, खदानों के श्रमिकों और मेहनतकश मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी।
उपलब्ध खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जबलपुर जिले में कुल 3 लाख 89 हजार 294 राशन कार्ड हैं। जून माह में अब तक 3 लाख 72 हजार 607 कार्डधारकों ने खाद्यान्न प्राप्त किया है, जो 95.7 प्रतिशत उपलब्धि है। मई माह में यह आंकड़ा 96 प्रतिशत रहा था। विभाग का लक्ष्य नई तकनीक के माध्यम से शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंचाना है। बता दें कि यह योजना दो से तीन माह में लागू हो जाएगी। विभाग द्वारा नई मशीनों के लिए पूरे प्रदेश के लिए टेंडर किया जा रहा है, इसके लिए टेक्निकल विड हो गया है।

नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन

जिले के अधिकांश शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण 94 से 100 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया है। नगर निगम गोरखपुर में 97.6 प्रतिशत, रांझी में 97.2 प्रतिशत, पनागर नगर पालिका में 97.6 प्रतिशत, भेड़ाघाट नगर परिषद में 110 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जबलपुर, कुंडम, मझौली, शाहपुरा और सिहोरा जनपदों में भी 94 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों को राशन वितरित किया जा चुका है।

आईरिस स्कैन से होगा सत्यापन, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

अब तक राशन वितरण के दौरान केवल फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता था। कई बार वृद्ध, दिव्यांग और श्रमिक वर्ग के लोगों के अंगुलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें राशन मिलने में कठिनाई होती थी। नई व्यवस्था में आईरिस स्कैनर के माध्यम से आंखों की पहचान कर सत्यापन किया जाएगा, जिससे पात्र हितग्राही बिना किसी परेशानी के राशन प्राप्त कर सकेंगे।

डिजिटल तौल से बढ़ेगी पारदर्शिता

स्मार्ट पीडीएस सिस्टम के तहत इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे सीधे पीओएस मशीन से जुड़े होंगे। मशीन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही खाद्यान्न तौला जाएगा। तौल पूरी होने के बाद ही रसीद प्रिंट होगी और लाभार्थी के खाते से उतनी ही मात्रा दर्ज होगी। इससे कम तौल, गड़बड़ी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

यह है जबलपुर के दुकानों की स्थिति


जनपद व क्षेत्र उपभोक्ता
जनपद पंचायत जबलपुर (ग्रामीण) 34,7342
जनपद पंचायत कुंडम 29,9653
जनपद पंचायत मझौली 35,5754
जनपद पंचायत पनागर 26,1005
जनपद पंचायत पाटन 30,5816
जनपद पंचायत शाहपुरा 39,0497
जनपद पंचायत सिहोरा 32,8728
नगर निगम जबलपुर-01 रांझी 27,9389
नगर निगम जबलपुर-02 गोरखपुर 31,93310
नगर निगम जबलपुर-03 कोतवाली 9,69111
नगर निगम जबलपुर-04 गोहलपुर 51,39712
नगर निगम जबलपुर-05 ओमती 8,65113
नगर निगम जबलपुर कैंट 5,65814
नगर पालिका पनागर 4,35515
नगर पालिका सिहोरा 6,99316
नगर परिषद बरेला 2,23717
नगर परिषद भेड़ाघाट 1,12218
नगर परिषद कटंगी 4,00219
नगर परिषद मझौली 2,42520
नगर परिषद पाटन 1,92821
नगर परिषद शाहपुरा 2,088

वर्जन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस प्रणाली लागू की जा रही है। इसके तहत पीओएस मशीनों के साथ आईरिस स्कैनर और डिजिटल तौल कांटे जोड़े जा रहे हैं। इससे फिंगरप्रिंट सत्यापन में परेशानी झेलने वाले वृद्ध, दिव्यांग और श्रमिक वर्ग के हितग्राहियों को भी आसानी से राशन मिल सकेगा।

सीमा बौरसिया, प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी, जबलपुर।