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फिंगर प्रिंट नहीं अब ‘आंखों की पहचान’ से मिलेगा राशन, जबलपुर में लागू होगा स्मार्ट PDS सिस्टम

Smart PDS System: शहर में अब राशन वितरण के दौरान फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की जगह आंखों की पहचान से सत्यापन किया जाएगा।
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Smart PDS System Jabalpur:स्मार्ट पीडीएस प्रणाली लागू (Photo Source: AI Image)

Smart PDS System Jabalpur:स्मार्ट पीडीएस प्रणाली लागू (Photo Source: AI Image)

Smart PDS System Jabalpur: मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) अब पूरी तरह तकनीक आधारित होने जा रही है। राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों को बिना परेशानी खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए खाद्य विभाग स्मार्ट पीडीएस प्रणाली लागू कर रहा है। इसके तहत राशन दुकानों में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के साथ आईरिस स्कैनर और डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तौल प्रणाली जोड़ी जाएगी। इससे फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने की समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों, दिव्यांगों और श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

जिले में 3.89 लाख राशन कार्ड

खाद्य विभाग के अनुसार जिले में 3 लाख 89 हजार 294 राशन कार्ड हैं। जून माह में अब तक 3 लाख 72 हजार 607 हितग्राहियों ने खाद्यान्न प्राप्त किया, जो 95.7 प्रतिशत उपलब्धि है। मई में यह आंकड़ा 96 प्रतिशत रहा था। विभाग का लक्ष्य नई तकनीक के जरिए शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक राशन पहुंचाना है।

फिंगरप्रिंट नहीं, अब आईरिस से होगा सत्यापन

वर्तमान में राशन वितरण के दौरान केवल फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। कई बार बुजुर्गों, दिव्यांगों और मेहनतकश श्रमिकों के अंगुलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने से उन्हें राशन मिलने में परेशानी होती है। नई व्यवस्था में आईरिस स्कैनर से आंखों की पहचान कर सत्यापन किया जाएगा, जिससे पात्र हितग्राही आसानी से राशन प्राप्त कर सकेंगे। इसमें इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे सीधे पीओएस मशीन से जुड़े होंगे। मशीन में दर्ज मात्रा के अनुसार ही खाद्यान्न तौला जाएगा। तौल पूरी होने के बाद ही रसीद जारी होगी और उसी मात्रा की प्रविष्टि लाभार्थी के खाते में दर्ज होगी। इससे कम तौल और अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस प्रणाली लागू की जा रही है। इसके तहत पीओएस मशीनों के साथ आईरिस स्कैनर और डिजिटल तौल कांटे जोड़े जा रहे हैं। इससे बुजुर्ग, दिव्यांग और श्रमिक वर्ग के हितग्राहियों को भी आसानी से राशन मिल सकेगा।- सीमा बौरसिया, प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी, जबलपुर

क्या होती है सार्वजनिक वितरण प्रणाली

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा प्रणाली है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न (जैसे गेहूं और चावल) और अन्य आवश्यक वस्तुएं (केरोसिन, चीनी आदि) उपलब्ध कराई जाती है। राज्य सरकार वास्तविक वितरण, पात्र परिवारों की पहचान, राशन कार्ड जारी करना और उचित मूल्य की दुकानों (राशन की दुकानों) के कामकाज की निगरानी करती है।