
Petrol And Water Crisis In Jabalpur (पानी के बाद जबलपुर में पेट्रोल संकट Photo Source- Patrika)
Jabalpur News :मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के दोहरे संकट से जूझ रहा है। एक ओर कई इलाकों में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है और हजारों परिवार टैंकरों के भरोसे हैं, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पानी के लिए पहले से परेशान शहरवासियों को अब पेट्रोल-डीजल के लिए भी घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि, अगर डीजल का संकट और गहराया तो नगर निगम की टैंकर जलापूर्ति भी प्रभावित होने की संभावना है, जिससे पेयजल संकट और गंभीर हो जाएगा।
शहर के रांझी, गोकलपुर, कांचघर, मानेगांव सहित कई इलाकों में पिछले कई दिनों से जल संकट बना हुआ है। जलशोधन संयंत्रों में पानी की कमी के कारण पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं हो पा रही है। क्लीयर वॉटर टैंक में पानी का स्तर 3 फीट तक पहुंच गया है। इससे पंप नियमित रूप से नहीं चल पा रहे हैं। नतीजतन कई मोहल्लों में नलों से पानी नहीं पहुंच रहा और लोगों को टैंकरों का इंतजार करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर एक टैंकर के लिए दर्जनों परिवारों की भीड़ जुट रही है। ज्यादा परेशानी ऊंचाई वाले स्थानों पर हो रही है। इसमें बजरंग नगर, मानेगांव, लालमाटी, गंगा मैया, सर्रापीपल, चुंगी नाका और दूसरे इलाके शामिल हैं।
इसी बीच शहर पर ईंधन संकट की नई आफत आ गई। रेलवे रैक समय पर नहीं पहुंचने से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) के जिले के सभी 45 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक समाप्त हो गया। धीरे-धीरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के पंप बंद होने लगे। इससे वाहन चालकों को दूसरे पेट्रोल पंपों का रुख करना पड़ा, जहां लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों को आधे से पौन घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जबकि अनेक वाहन चालक एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते रहे।
एचपी के पंप बंद होने का पूरा दबाव दूसरी कंपनियों के पंपों पर आ गया है। अचानक बढ़ी भीड़ से कई जगह अफरा - तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने किल्लत की आशंका के चलते जरूरत से अधिक पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया। सामान्य दिनों में थोड़ी मात्रा में ईंधन लेने वाले लोग भी टंकियां फुल कराने लगे, जिससे कतारें और लंबी होती चली गईं।
जलाशय के घटते जलस्तर को देखते हुए, पानी को पंपिंग स्टेशन के नजदीक लाने के लिए 25 कुशल कर्मचारियों की टीम मौके पर दिन-रात काम कर रही है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने शुक्रवार को नगर निगम में जल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त शिवांगी महाजन, फायर अधीक्षक कुशाग्र ठाकुर, अतिक्रमण अधिकारी मनीष तड़से उपस्थित रहे।
-जिले में कुल 186 पेट्रोल-डीजल पंप।
-एचपीसीएल के 45, आईओसीएल के 76 और बीपीसीएल के 65 पंप।
-प्रतिदिन करीब 3.50 लाख लीटर पेट्रोल और 4.80 लाख लीटर डीजल की खपत।
-शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित, लोग टैंकरों पर निर्भर।
Updated on:
27 Jun 2026 08:05 am
Published on:
27 Jun 2026 08:05 am
