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बाथरूम खोलते ही निकली चीख, 96 घंटे तक बैठी रही ‘कोबरा नागिन’, जबलपुर में हुआ रेस्क्यू

Female Cobra: मध्यप्रदेश में मानसून के मौसम में लगातार सांप की घटनाएं सामने आ रही है। जबलपुर में 4 दिन तक परिवार कोबरा नागिन की दहशत में रहा।
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जबलपुर

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Astha Awasthi

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Updated: 29 Jun 2026, 1:22 PM IST

Cobra found in home: घर में घुसी कोबरा नागिन (प्रतिकात्मक फोटो Photo Source - Patrika)

Cobra found in home: घर में घुसी कोबरा नागिन (प्रतिकात्मक फोटो Photo Source - Patrika)

Cobra found in home: मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में एक परिवार बीते 4 दिनों ने कोबरा नागिन के खौफ में जी रहा था। परिवार का कहना है ये कभी टीवी के ऊपर तो कभी बाथरूम में फन फैलाए बैठी रहती थी। खौफ में रहने के बाद फाइनली परिवार ने सर्प विशेषज्ञ को बुलाया। जिसके बाद चारों तरफ रास्ते बंद करके किसी तरह कोबरा नागिन को पकड़ा गया और जंगल में छोड़कर आया गया। परिवार को कहना है कि वह कुछ दिन से बहुत डरे और सहमे थे।

ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के ग्राम सिहौदा में रहने वाले रमेश भुमिया के परिवार बीते 4 दिनों से काफी परेशान था। उनकी परेशानी का कारण उनके घर में घुसी कोबरा नागिन थी। जिसकी दहशत के कारण परिवार का हर सदस्य पूरी तरीके से दहशत में था। परिवार के लोगों की नींद भी उड़ी हुई थी। वे बताते है कि कोबरा नागिन कभी किचन में तो कभी टीवी सैट के ऊपर जा कर बैठ जाती। शाम के समय बाथरूम खोला तो चीख निकल गई, नागिन वहां परजाकर भी बैठ जाती थी। उसे देखकर पूरा परिवार डर के माहौल में रहा।

चार दिन दहशत में बीतने के बाद रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे जब नागिन गेंहू के बोरों के बीच बैठी थी, तभी रमेश भुमिया ने सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे फोन लगाया और पूरी बात बताई। जिसके बाद मौके पर पहुंचे गजेन्द्र दुबे ने रेस्क्यू कर नागिन को पकड़ लिया और सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। नागिन के पकड़े जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

कोबरा प्रजाति होती है खतरनाक

गजेन्द्र दुबे ने बताया कि घर में घूमने वाली नागिन कोबरा प्रजाति की थी, जो बेहद खतरनाक और आक्रामक होती है। बता दें कि इसमें जानलेवा न्यूरोटाक्सिन जहर पाया जाता है। सर्पदंश के बाद तीन घंटे के भीतर मेडिकल उपचार नहीं मिलने पर पीड़ित की जान संकट में आ सकती है। दुनिया के सबसे जहरीले और पहचान में आने वाले सांपों में से एक है। खतरा महसूस होने पर यह अपनी गर्दन की पसलियों को फैलाकर एक चौड़ा 'फन' बना लेती है, जो इसे किसी भी अन्य सांप से अलग करता है।

एमपी में लगातार सामने आ रही घटनाएं

बीते दिन अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र के भर्रोली गांव में सांप के काटने से एक 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को रविवार सुबह 4.30 बजे बिस्तर में घुसे सांप ने काटा था। बच्ची को पिता तुरंत बाइक से बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं राजगढ़ जिले के समीपस्थ गांव मांडाखेड़ा में घर के आंगन में खेल रहे एक पांच साल के मासूम को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे बजाए अस्पताल ले जाने के तीन घंटे तक झाड़फूंक करते रहे। जब तक उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

सर्पदंश की स्थिति में चिकित्सकों की सलाह

-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।