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फोन हैक होते ही निकाल दें सिम, तुरंत बैंक खाता फ्रीज कराएं, जबलपुर में बढ़े मामले

Mobile Hacking: मोबाइल हैक कर बैंक खातों से उड़ाए जा रहे लाखों रुपये, साइबर सेल ने जारी की एडवाइजरी। संदिग्ध गतिविधि दिखते ही 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
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Mobile Hacking: साइबर अपराधी सक्रिय (Photo Source - Patrika)

Mobile Hacking: साइबर अपराधी सक्रिय (Photo Source - Patrika)

Mobile Hacking in jabalpur: एमपी के जबलपुर शहर में मोबाइल फोन हैक कर बैंक खातों से लाखों रुपए उड़ाने के मामले लगातार सामने आ रहे है। साइबर अपराधी पहले मोबाइल को हैक कर ऑटो अपडेट या मिररिंग के जरिए उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं और फिर बैंक खाते से रकम निकाल लेते हैं।

साइबर सेल का कहना है कि यदि किसी का फोन इस तरह संदिग्ध तरीके से व्यवहार करने लगे, तो सबसे पहले मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर दूसरे फोन में लगाएं और तत्काल संबंधित बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल कर खाता फ्रीज कराएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर पुलिस को सूचना दें।

पहले 24 घंटे सबसे अहम

ठगी की रकम वापस मिलने की सम्भावना पहले 24 घंटे में सबसे अधिक रहती है। बैंकों में प्रतिदिन पहले ट्रांजेक्शन का सेटलमेंट होने से यदि पीड़ित शिकायत दर्ज करा देता है तो पुलिस सम्बंधित बैंक से राशि फ्रीज करा देती है। कई मामलों में दूसरे खाते में पहुंच चुक रकम भी वापस कराई जा सकती है।

केस 01

शंकर नगर बड़ा रांझी निवासी नवीन गुप्ता 9 जून को यू-ट्यूब पर गाने सुन रहे थे. तभी उनका मोबाइल अचानक ऑटो अपडेट होने लगा। कुछ दिनों बाद उन्होंने बैंक खाता जांचा तो 1.90 लाख रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर हो चुके थे।

कस 02

गढ़ा फाटक निवासी और जीसीएफ कर्मचारी नितिन शाह के बैंक खाते से 27 से 29 मई के बीच तीन ट्रांजेक्शन में दो लाख 82 हजार रुपए निकाल लिए गए। उनका कहना है कि उन्होंने न तो किसी को ओटीपी बताया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया।

केस 03

लॉर्डगंज निवासी पीडब्ल्यूडी से सेवानिवृत्त आनंद जायसवाल के मोबाइल नंबर से उनकी पत्नी माया और मां कला के बैंक खाते लिंक थे। साइबर ठगों ने फोन हैक कर मां और पत्नी के खातों से दो लाख 13 हजार 478 रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए।

अनजान लिंक से भी हो सकती है मिररिंग

साइबर ठग वॉट्सऐप और मैसेंजर पर फर्जी लिंक भेजते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल की मिररिंग या अन्य प्रकार का नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में जा सकता है। इसके बाद मोबाइल को हैकर्स आसानी से कमांड कर लेते हैं।

इंस्टाग्राम पर शिकायत करना हुआ आसान

इंस्टाग्राम ने यूजर्स की सुरक्षा के लिए रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सरल बनाया है। किसी आपत्तिजनक पोस्ट, कमेंट या मैसेज पर तीन डॉट्स पर क्लिक कर 'रिपोर्ट' विकल्प चुनकर शिकायत दर्ज की जा सकती है। स्क्रीननशॉट भी अपलोड किया जा सकता है।

यदि मोबाइल की तुलना में असामान्य गतिविधियां दिखाई दें तो तुरंत सिम कार्ड निकाल दें। बैंक खाता फ्रीज कराएं, एनसीआरपी पर शिकायत दर्ज करें और पुलिस को सूचना दें। आवश्यकता होने पर मोबाइल को रीसेट भी कराएं। इससे साइबर ठगी से बचा जा सकता है।- अंजुल अयंक मिश्रा, डीएसपी, साइबर सेल

यहां कर सकते हैं शिकायत

टोल फ्री नम्बर 1930
सम्बंधित थाना
थानों की साइबर हेल्प डेस्क
जिला साइबर सेल
स्टेट साइबर सेल
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट नेशनल साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन

इन बातों का रखें ध्यान

सॉफ्टवेयर हमेशा अपडेट रखें।
अनयूज्ड ऐप अनइंस्टॉल करें।
कोई ऐप डाउनलोड करने से पहले उसका रिव्यू जानें।
अनजान नम्बर से आने वाले लिंक, फोटो और वीडियो ओपन न करें।
एपीके फाइल इंस्टॉल न करें।
वॉट्सएप को ऑटो डाउनलोड मोड पर न रखें।