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42 करोड़ की मशीन से होगा ‘कैंसर’ का इलाज, जबलपुर में मरीजों को बड़ी राहत

Cancer treatment: कैंसर मरीजों का इलाज 42 करोड़ रुपए की अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर (लीनेक) मशीन से किया जाएगा। जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
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Cancer treatment: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करेगी 42 करोड़ की मशीन (Photo Source- freepik)

Cancer treatment: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करेगी 42 करोड़ की मशीन (Photo Source- freepik)

Linear accelerator machine: एमपी के जबलपुर शहर में महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड से कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। स्टेट कैंसर अस्पताल में करीब 42 करोड़ रुपए की अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर (लीनेक) मशीन सहित अन्य उपकरण पहुंच गए है। इनका इंस्टॉलेशन शुरू हो गया है। मशीन के चालू होने के बाद कैंसर मरीजों को आधुनिक रेडियोथैरेपी की सुविधा मिलेगी और इलाज के लिए लम्बी प्रतीक्षा भी समाप्त होगी। विशेषज्ञों के अनुसार लीनेक कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक रेडियोथैरेपी मशीन है।

स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान

यह मशीन उच्च ऊर्जा वाली एक्स-रे (फोटॉन) या इलेक्ट्रॉन बीम तैयार करती है, जो ट्यूमर के आकार और स्थान के अनुसार सटीक विकिरण देकर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करती है। इससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। लीनेक मशीन आ जाने से मेडिकल कॉलेज के एमसीआई में कैंसर मरीजों को अब और बेहतर इलाज मिल सकेगा। नागपुर, इंदौर, मुंबई और दिल्ली समेत अन्य शहरों पर निर्भरता कम होगी। स्टेट कैंसर अस्पताल का नया परिसर तैयार होने के बाद से ही पत्रिका लीनेक मशीन की खरीदी का मुद्दा लगातार उठता रहा।

सीटी सिमुलेटर से होगी मरीजों की जांच

लीनेक मशीन के साथ ही एससीआई को सीटी सिमुलेटर मशीन की भी मिली है। इसका उपयोग किसी बीमारी का पता लगाने के लिए नहीं, बल्कि रेडिएशन थेरेपी (सिंकाई) की योजना तैयार करने में किय जाता है। इससे ट्यूमर का सटीक आकार और उडी लोकेशन जांची जाती है, जिससे केवल कैंसर कोशिकाओं पर रेडिएशन का सटीक निशाना साधा जा सके।

लीनियर एक्सीलेरेटर मशीन व सीटी सिमुलेटर की अत्याधुनिक मशीन मिल गई हैं, इनके इंस्टालेशन में 6 से 9 महीने का समय लगेगा। दोनों मशीनें शुरू होने के बाद कैंसर के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। - डॉ. लक्ष्मी सिंगोतिया, अधीक्षक, स्टेट कैंसर अस्पताल, मेडिकल

स्टेट कैंसर अस्पताल में ये है आकड़ा

-100-125 मरीज आ रहे ओपीडी में
-70-80 मरीज की सिंकाई प्रतिदिन 01 महीने तक का हो जाता था इंतजार सिंकाई में
-40-50 मरीज की कीमोथैरेपी रोजाना

कैसे काम करती है ये मशीन

  • यह मशीन ट्यूमर के आकार और गहराई को सटीक रूप से मापकर कैंसर कोशिकाओं पर रेडिएशन की हाई-एनर्जी बीम डालती है।
  • इस मशीन से मरीजों को सर्जरी (operation) कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती और इलाज के दौरान दर्द व साइड-इफेक्ट्स कम होते हैं।
  • रेडिएशन केवल कैंसर कोशिकाओं को खत्म करता है, जिससे आसपास के स्वस्थ अंग सुरक्षित रहते हैं और मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं।