पूरे मार्ग पर गूंजा हर हर महादेव का जयघोष
जबलपुर। सावन के पहले सोमवार को नर्मदा तट से शिव मंदिरों तक हर हर महादेव और बोल बंम के भक्तिमय स्वर गूंजते रहे। मेकलसुता मां नर्मदा के पूजन अर्चन के बाद काविड़यों ने कांवड़ में जल भरा और मंदिरों में पहुंचकर आस्था भाव से जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा जिन मार्गों से निकलेगी, उधर का माहौल धर्म मय हो गया। भक्ति में कांवडि़यों ने झूमकर नृत्य किया तो बोल बम के लय में राहगीरों ने भी स्वर मिलाते हुए जयघोष किया। मातृशक्ति द्वारा निकाली गई कांवड़ यात्रा आकर्षण का केन्द्र रही।
हर तरफ जयघोष
भगवान शिव की उपासना के माह सावन में सोमवार को कांवड़ यात्रा में भक्ति और आस्था की झलक दिखी। भगवा वेश में निकले पुरूष और मातृशक्ति के पांव नगे थे और कंधे पर कांवड़ पर कावड़। नर्मदा पूजन के बाद वे अपने निर्धारित मंदिर की ओर बढ़ते हुए भगवान भोलेनाथ का जयघोष किया। यात्रा पूरी हुई तो मंदिर के गर्भ गृह में जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं ने काफी समय तक खड़े होकर प्रतीक्षा की।
इन्होंने निकाली कांवड़ यात्रा
भाजपा के शिवराज जन कल्याण समिति के बैनर तले मातृशक्ति ने ग्वारीघाट से पोलीपाथर स्थित बादशाह हलवाई मंदिर तक कांवड़ यात्रा निकाली। गोंडवाना कॉलीन मुगल शैली के प्राचीन हिंदू मंदिर में कल्चुरी कॉलीन भगवान की संगमरमरी प्रतिमा के समक्ष शिवलिंग पर दो घ़टे तक जलाभिषेक का क्रम चलता रहा। समिति की प्रदेश सचिव रूपा राव, लवलीन आनंद, सुषमा, रत्ना श्रीवास्तव, दीपमाला केशरवानी, एकता शर्मा, सरला तिवारी, यशोदा चौधरी, नेहा चौधरी,संजय नाहतकर, दीपांकर बैनर्जी, नर्मदा महाआरती समिति के संयोजक ओंकार दुबे कांवड़ यात्रा में शामिल थे। बादशाह हलवाई मंदिर में महापौर स्वाति गोडबोले ने कांवडि़यों के साथ पूजन अर्चन किया। इसी तरह केशरवानी समाज के लोगों ने ग्वारीघाट से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर तक कांवड़ यात्रा निकाली। गुप्तेश्वर मंदिर में लम्बी कातर में लगकर कांवडि़यों ने गुफा में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।
नर्मदा में स्नान और शिव पूजन
नर्मदा का जल स्तर बढऩे के कारण महाआरती घाट पर स्थापित द्वादस ज्योर्तिलिंग इन दिन जल के बीच है। स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने वहां अभिषेक किया। जबकि, अन्य श्रद्धालुओं ने भी जल में प्रवेश कर जलाभिषेक व पूजन अर्चन किया।
मंदिरों में हुआ रूद्राभिषेक
सावन के पहले सोमवार को महादेव के मंदिरों में सुबह से शाम तक भक्तगण पहुंचते रहें। गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भोर ४ बजे से ही रद्राभिषेक व पूजन अर्चन शुरू हो गया। रात ८.३० बजे भगवान का श्रृंगार व महाआरती की गई। पाट बाबा शिव मंदिर, गैबीनाथ महादेव मंदिर, कचनार सिटी शिव मंदिर, पशुपति नाथ मंदिर लम्हेटाघाट, शिव मंदिर भरतीपुर, बद्रीनाथ मंदिर पिसनहारी मढि़या में भक्तों का तांता लगा रहा।
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