
world class station : केंद्र सरकार ने जबलपुर रेलवे स्टेशन के फिर से विकसित करने की योजना बनाई है। लेकिन, यह कागजों से बाहर नहीं आ रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 26 फरवरी को जबलपुर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के कार्य का वर्चुअल शुभारम्भ किया था। देश के कई स्टेशनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन, जबलपुर स्टेशन को लेकर रेलवे बोर्ड अभी तक कोई निर्णय ही नहीं ले पाया है। इसमें 460 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।
जबलपुर स्टेशन पर दो प्लेटफॉर्म बढ़ाने के साथ ही सर्कुलेटिंग एरिया का विकास किया जाएगा। दोनों छोर पर मल्टी लेवल वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत 300 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था होगी। प्लेटफॉर्म के बढ़ने से ट्रेनों के आउटर पर रुकने की समस्या का भी निदान हो जाएगा। स्टेशन भवन को भी आकर्षक बनाया जाएगा। निर्माण शुरू नहीं होने के कारण यात्री आधुनिक सुविधाओं से वंचित हैं।
यात्रियों को स्टेशन पहुंचते ही एस्केलेटर से प्रथम मंजिल पर जाकर वेटिंग हॉल में अपनी ट्रेन का इंतजार करने की सुविधा मिलेगी। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया, फूड प्लाजा, यात्री उपयोगी वस्तुएं आदि उपलब्ध रहेंगी। स्टेशन के सभी प्लेटफार्म पर छत बनाई जाएगी। भवन को आकर्षक और यात्रियों की सुविधाओं से परिपूर्ण किया जाएगा।
जबलपुर स्टेशन पर लगातार यात्रियों का दबाव बढ़ रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रोजाना 50 से 55 हजार यात्री स्टेशन पर आते-जाते हैं। प्लेटफॉर्म की संख्या कम होने के कारण कई बार ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। अभी रोजाना आधा दर्जन ट्रेन आउटर पर खड़ी रहती हैं।
स्टेशन के विस्तार के दौरान छोटे बच्चों के लिए विशेष सुविधा का प्रबंध भी किया जाएगा। इसमें एक प्लेजोन प्रस्तावित है। इसमें छोटे बच्चों के लिए खिलौने और अन्य मनोरंजक सामग्री उपलब्ध होगी। इससे ट्रेनों की देरी के कारण यात्री अपने बच्चों को इस प्लेजोन में ले जाकर मनोरंजन करा सकेगे। ट्रेन में सफर के दौरान बडी संख्या में छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं, जिनकी उम्र 10 वर्ष से नीचे की होती है। इसे देखते हुुए इनका भी खयाल रखा जाएगा।
जबलपुर स्टेशन के विकास के लिए रेलवे की गति शक्ति यूनिट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन, इसके अधिकारी इस दिशा में गम्भीरता नहीं दिखा रहे हैं। अनुमति में हो रही देरी के कारण ड्राइंग डिजाइन से लेकर वर्क एजेंसी भी अब तक तय नहीं हो पा रही है। जनप्रतिनिधि भी प्रयास नहीं कर रहे हैं।
टर्मिनल बिल्डिंग- रेलवे में नई टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें सभी सुविधाओं के लिए अलग-अलग सेक्शन बनाया जाएगा।
नए प्लेटफॉर्म- शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन पर भविष्य की सम्भावनाओं को देखते हुए दो नए प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। इससे यहां ज्यादा ट्रेन रुक सकेंगी। वर्तमान में छह प्लेटफॉर्म हैं।
अलग-अलग डिपार्चर ब्लॉक- एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन पर यात्रियों के आने-जाने के लिए अलग डिपार्चर ब्लाक तैयार किए जाएंगे। इसमें से एक तरफ से निकासी और दूसरी ओर से अंदर जाना होगा।
स्टेशन भवन- स्टेशन भवन का निर्माण ग्राउंड प्लस के साथ दो मंजिला होगा। इसमें यात्रियों के लिए वेटिंग हऍल, वीआइपी रूम, लॉज आदि शामिल होंगे।
फुट ओवर ब्रिज- स्टेशन पर दो नए फुट ओवर ब्रिज बनेंगे। इससे यात्रियों का आवागमन आसानी से हो सकेगा। यह फुट ओवर ब्रिज सभी प्लेटफॉर्म से कनेक्ट रहेंगे।