
जबलपुर। नर्मदा नदी के किनारे लम्हेटाघाट में जिस स्थान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पौधरोपण किया था, उस पर भेड़ाघाट नगर पंचायत के कर्मचारी २५ हजार पौधों की देखभाल बेहतर ढंग से कर रहे हैं। आठ महीने से पौधों की फेंसिंग, निदाई, समय पर खाद डालने के साथ प्रतिदिन सिंचाई की जा रही है। यहां बच्चों की तरह पौधों का ध्यान रखा जा रहा है। यहां आम, अमरूद, जामुन के पौधों का विकास तेजी से हो रहा है।
about- विश्व पर्यटन दिवस विशेष- भेड़ाघाट नपा की पहल, पहरे में पाले हजारों पेड़
जिले में पौधरोपण
- 42 लाख पौधे रोपे थे २ जुलाई को
- 10 लाख पौधे ग्रामीण विकास (उद्यानिकी व कृषि) ने लगाए
- 8.50 लाख पौधे वन विभाग ने रोपे
- 23.50 लाख पौधे केंद्र व राज्य सरकार के विभागों, निजी संस्थाओं, एनजीओ ने मिलकर लगाए
- 5516 पौधों का ग्राम पंचायतों में रोपण
- 85 हजार लोगों ने पौधरोपण के लिए कराया था पंजीयन
- 20 हजार स्थानों पर सुबह ७ से शाम ७ बजे तक हुआ था पौधरोपण
इन पौधों का रोपण- आम, अमरूद, जामुन, सीताफल, नाशपाती, कटहल, बेर, इमली, पॉम
नहीं हुआ डॉक्यूमेंटेशन
नर्मदा बेसिन में लाखों पौधे रोपने के बाद उन्हें बचाने के प्रयास नाकाफी रहे। नतीजतन कहीं पौधे सूख गए तो कहीं मवेशी चर गए। दावा किया गया था कि जिला एक दिन में सर्वाधिक पौधे रोपने का वल्र्ड रेकॉर्ड अपने नाम करेगा। लेकिन जिम्मेदारों ने पौधों को सुरक्षित बचाने से लेकर उनके डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं की। न तो उनकी सिंचाई गई और न ही ट्री गार्ड लगाए गए।
क्या कहते हैं चिंतक
पेड़ों की कटाई जिस अनुपात में हो रही है, उस अनुपात में पौधरोपण और उनका संरक्षण नहीं हो रहा है। काटे गए एक पेड़ के अनुपात में 10 पौधे लगाने चाहिए, तभी पर्यावरण संतुलित रहेगा।
- एबी मिश्रा, पर्यावरणविद्
अपने घर, मोहल्ले, कॉलोनी में व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रयास किए जाएं तो शहर को हरा-भरा बनाया जा सकता है। इसी सोच के साथ स्नेह नगर में पार्क की जमीन को कब्जा मुक्त कराकर सबको साथ लेकर उद्यान विकसित किया है।
- विनोद दुबे, भूजलविद्, सामाजिक कार्यकर्ता
शास्त्रों में कहा गया है, पूत कपूत हो सकता है, लेकिन आपके द्वारा लगाया गया पौधा हर प्रकार से सभी जीवों के लिए कल्याणकारी होगा। प्राणवायु ऑक्सीजन, फल, छांव, लकड़ी देगा। पौधरोपण के लिए सभी आगे आएं।
- स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, अध्यक्ष गोसंवर्धन बोर्ड
सनातन धर्म प्रकृति प्रधान है। देव तुल्य वृक्षों की उपासना कर पर्यावरण दिवस मनाना चाहिए। प्रकृति के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
- भैयाजी सरकार, संस्थापक नर्मदा मिशन
एयर क्वालिटी इंडेक्स में पीएम १० का स्तर स्थिर नहीं रहता है। हालांकि लगातार वाहनों की संख्या बढऩे के साथ औद्योगीकरण भी बढ़ रहा है। पौधरोपण समय की मांग है, इस दिशा में
प्रयास जारी हैं।
- एसएन द्विवेदी, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड