जगदलपुर

Chhattisgarh News: बस्तर में 4000 हेक्टेयर धान की फसल तबाह, 300 से अधिक गांव प्रभावित

Jagdalpur News: बाढ़ और अनर्ब के कहर से बस्तर में भारी नुकसान हुआ है। ओडिशा के बांध से पानी छोड़े जाने से लाखों एकड़ की फसलें जलमग्न हो गए हैं। एक आंकड़े के अनुसार 4000 हेक्टेयर धान की फसल तबाह हुआ है..
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बस्तर में 4000 हेक्टेयर धान की फसल तबाह ( Photo - Patrika )

Bastar News: ज्ञान प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट.बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश, अनर्ब तूफान और ओडिशा स्थित इंद्रावती जलाशय से अचानक छोड़े गए पानी ने खेती-किसानी को भारी चोट पहुंचाई है। प्राकृतिक आपदा और बाढ़ के दोहरे प्रकोप से क्षेत्र में लाखों एकड़ में लगी फसलें तबाह हो चुकी हैं। एक शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 23 से 26 सितंबर के बीच आई इस भीषण आपदा से संभाग में करीब 4 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जबकि 300 से अधिक गांव इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

अचानक आई बाढ़ और तूफानी स्थिति के कारण खेत के खेत जलमग्न हो गए, जिससे पकाने की ओर बढ़ रही धान की फसल सड़ने की कगार पर है। फसलों के अलावा दर्जनों कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और कई मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों व छोटे व्यापारियों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

Jagdalpur News: प्रभावित किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा

बाढ़ और आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत उपायों की गति बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि जिन किसानों की फसलें पूरी तरह से नष्ट हुई हैं, उन्हें प्रति एकड़ 10000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, जिन लोगों के मकान ढह गए हैं, उन्हें नया मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। फिलहाल राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का त्वरित सर्वे कर रही हैं, जिसके पूरा होते ही पीड़ितों के खातों में मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र से मांगा विशेष राहत पैकेज

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री व एनडीएमए अध्यक्ष सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखकर प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने कहा कि नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए किसानों को एनडीआरएफ मद से तुरंत विशेष राहत राशि स्वीकृत की जाए। बेघर हुए परिवारों को 'पीएम आवास योजना' के तहत नया मकान मिले। बह गए मवेशियों व छोटे दुकानदारों को सर्वे कराकर सीधे डीबीटी से मुआवजा दिया जाए। जोरा नाला में जल विचलन रोकने के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराकर नया व संशोधित डीपीआर तैयार हो। नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में पौधरोपण व पक्के तटबंध बनाए जाएं और जगदलपुर शहर के लिए एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।

Updated on:
03 Oct 2026 10:33 am
Published on:
03 Oct 2026 10:32 am