State Highway Connection: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दूरदराज की अंदरूनी सड़कों को स्टेट और नेशनल हाईवे से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
State Highway Connection: बस्तर संभाग के विकास में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण सडक़ों और पुलों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपए मंजूर किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य संभाग के दूरदराज इलाकों में बेहतर संचार सुविधा उपलब्ध कराना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना है। पीएमजीएसवॉय योजना के तहत 7 नई सडक़ों के लिए 115 करोड़ रुपए खच होंगे, दूर-दराज के अंदरुनी सडक़ों को स्टेट और नेशनल हाईवे से कनेक्ट किया जाएगा।
बेहतर सड़क नेटवर्क से बस्तर संभाग में आर्थिक विकास को मिलेगा बल मिलेगा। स्वीकृत धनराशि के अंतर्गत नारायणपुर जिले के जाटलूर से इताम्पारा-बैरेगढ़ तक के मार्ग के लिए 28 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह मार्ग क्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्गों में से एक है और ग्रामीण इलाकों को जोडऩे में अहम भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही नारायणपुर के कुटुल से ओरखा तक भी 20 करोड़ रुपए की परियोजना के लिए मंजूरी मिली है, जो इस क्षेत्र की सड़कों की हालत सुधारने में सहायक होगी। बीजापुर जिले में इत्तलवाड़ा से तुनमार तक सडक़ निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए और केपपाल से गुडुपाली तक 20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत हुई है।
इन सडक़ों के बनने से बीजापुर के ग्रामीण इलाकों का विकास और ग्रामीणों की आवाजाही में सुधार होगा। दंतेवाड़ा जिले के मुखनार से वारसूर तक के मार्ग के लिए 9 करोड़ रुपए, कांकेर के ज्ञानी ढाबा चौक से दुबाघाट-बिरयूड़ी मार्ग के लिए 11 करोड़ रुपए और सुकमा जिले के कुन्या से मिचवार पुल तक 7 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। ये परियोजनाएं संभाग के उन हिस्सों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी, जहाँ सडक़ और पुलों की हालत काफी खराब है।
इन परियोजनाओं से बस्तर संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सडक़ नेटवर्क से किसानों को अपने उत्पाद बाजारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा, पर्यटन और स्थानीय कुटीर उद्योगों को भी इससे लाभ होगा।
यह पहल बस्तर संभाग के विकास को नई गति देगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक साबित होगी। सडक़ निर्माण से बढ़ेगा व्यापार, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों की आवाजाही सुगम होगी। यह क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनसे यहाँ के अंतिम व्यक्ति तक सडक़ मार्ग पहुंच सकेगी। विकास से जुड़े हर काम आसान हो पाएंगे।