Balaji Temple Silver Jubilee: सात दिवसीय महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और भक्ति कार्यक्रम होंगे, जबकि 29 जनवरी को भगवान बालाजी का विशेष महाअभिषेक पहली बार स्वर्ण कलश से संपन्न होगा।
Balaji Temple: शहर के आस्था केंद्र बालाजी मंदिर में रजत जयंती महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 26 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति आयोजनों की श्रृंखला चलेगी। इस महोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण 29 जनवरी को भगवान बालाजी का विशेष महाअभिषेक होगा, जो पहली बार स्वर्ण कलश से संपन्न किया जाएगा।
मंदिर समिति द्वारा आयोजित पत्रवार्ता में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि भक्तों की आस्था और सहभागिता से निर्मित यह स्वर्ण कलश पूरे आयोजन की विशेष पहचान बनेगा। जैसे ही स्वर्ण कलश मंदिर परिसर पहुंचा, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ उसका भव्य स्वागत किया। ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार, महोत्सव के चौथे दिन 29 जनवरी को सभी देव प्रतिमाओं का सामूहिक अभिषेक किया जाएगा, जिसमें भगवान बालाजी का अभिषेक विशेष रूप से निर्मित स्वर्ण कलश से किया जाना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। सात दिवसीय आयोजन का समापन 1 फरवरी को विशाल महाभंडारे के साथ किया जाएगा।
Balaji Temple: ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि बीते वर्ष मंदिर के वार्षिकोत्सव के दौरान भक्तों से स्वर्ण दान का आह्वान किया गया था। इस पहल पर शहर और आसपास के लगभग 600 श्रद्धालुओं ने 1 ग्राम से लेकर 12 ग्राम तक स्वर्ण दान किया। भक्तों द्वारा समर्पित इसी स्वर्ण से लगभग 1 किलोग्राम वजन का भव्य स्वर्ण कलश तैयार किया गया है, जिसे रजत जयंती महोत्सव में भगवान बालाजी के अभिषेक हेतु उपयोग में लाया जाएगा।