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संवाद, काव्य और संस्कृति का उत्सव! आज से रायपुर साहित्य महोत्सव का हुआ आगाज़, हरिवंश ने किया शुभारंभ…

Raipur Literature Festival: राजधानी रायपुर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने किया।

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संवाद, काव्य और संस्कृति का उत्सव! आज से रायपुर साहित्य महोत्सव का हुआ आगाज़, हरिवंश ने किया शुभारंभ...(photo-patrika)

Raipur Literature Festival: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पुरखौती मुक्तांगन में शुरू हुए इस साहित्य उत्सव में देशभर के साहित्यकार, चिंतक, लेखक और कलाकार शामिल हो रहे हैं।

उद्घाटन से पहले राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें शॉल और प्रतीक चिन्ह नंदी भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि हरिवंश रायपुर साहित्य उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं।

Raipur Literature Festival: तीन दिनों तक साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगम

रायपुर साहित्य उत्सव में 23 से 25 जनवरी तक विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन अलग-अलग मंडपों में समकालीन महिला लेखन, वंदेमातरम संवाद, डिजिटल साहित्य, वाचिक परंपरा, कविता की नई चाल, जनजातीय विमर्श, छत्तीसगढ़ के साहित्यिक योगदान, पुरातत्व, सेक्युलरिज्म जैसे विषयों पर परिचर्चाएं हुईं। शाम को सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में अभिनेता मनोज जोशी द्वारा ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन किया गया।

24 जनवरी को विविध विमर्श और संवाद

दूसरे दिन राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष, छत्तीसगढ़ के लोक गीत, धार्मिक फिल्में और टीवी धारावाहिक, भारत का बौद्धिक विमर्श, राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और ‘उपनिषद से एआई तक साहित्य’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही माओवादी आतंक और लोकतंत्र, डॉ. अंबेडकर के विचार, भाषा और साहित्य की स्थिति तथा लुप्त होते बाल साहित्य पर भी संवाद प्रस्तावित है। शाम को अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में काव्य पाठ का आयोजन होगा।

25 जनवरी को समापन की ओर उत्सव

उत्सव के अंतिम दिन संविधान और भारतीय मूल्य, ट्रेवल ब्लॉग और पर्यटन, नवयुग में भारत बोध, पत्रकारिता और साहित्य, नाट्यशास्त्र और कला परंपरा, सिनेमा और समाज तथा शासन और साहित्य जैसे विषयों पर परिचर्चाएं होंगी। साथ ही छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।

रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, संस्कृति और विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है, जहां परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद को नई दिशा मिल रही है।