
स्कूल और कॉलेज के साथी, अब जीवनसाथी (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Valentine's Day 2026: रायपुर के श्याम सिनेमा के ओनर लाभांश तिवारी और उनकी पत्नी देवयानी तिवारी की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। स्कूल की नाइंथ क्लास से शुरू हुआ साथ, कोचिंग और कॉलेज तक पहुंचा और करीब 11 साल के लंबे इंतजार के बाद शादी में बदल गया। यह कहानी दोस्ती, प्रेरणा, त्याग और भरोसे की मिसाल है।
लाभांश तिवारी बताते हैं कि वे नाइंथ क्लास में थे जब पहली बार देवयानी से मुलाकात हुई। दोनों एक ही क्लास में पढ़ते थे। दिलचस्प बात यह है कि पहली बातचीत तब हुई जब एग्जाम में देवयानी ने उन्हें चीटिंग करने के लिए आंसर दिखाने से मना कर दिया। उसी दिन से लाभांश ने ठान लिया कि जिंदगी में कुछ बड़ा करना है।
स्कूल के बाद दोनों ने सेम कोचिंग जॉइन की और फिर सेम कॉलेज में एडमिशन लिया। लाभांश बताते हैं कि वे बीकॉम करने वाले थे, लेकिन देवयानी के प्रभाव में आकर इंजीनियरिंग की राह पकड़ ली। देवयानी पढ़ाई में क्लास टॉपर और यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं। उन्होंने इंजीनियरिंग के बाद एमटेक भी किया।
लाभांश कहते हैं कि कोई फिल्मी स्टाइल प्रपोजल नहीं था। देवयानी ने एक दिन सीधे पूछ लिया कि क्या पसंद करते हो, और उन्होंने हां कह दिया। बस वहीं से रिश्ता तय हो गया।
करीब 11 साल तक दोनों ने पढ़ाई और करियर पर फोकस किया। घरवालों ने भी एक बार में हामी भर दी। 24 साल की उम्र के बाद, सही समय आने पर दोनों ने शादी कर ली। लाभांश के मुताबिक, देवयानी ने शादी के लिए समय देने और उन्हें बिजनेस में स्थापित होने का मौका देने के लिए कई फैसले सोच समझकर लिए।
आज देवयानी अपना खुद का स्कूल और एकेडमी चला रही हैं। वहीं लाभांश पारिवारिक बिजनेस संभाल रहे हैं। वे मानते हैं कि उनकी सफलता के पीछे देवयानी का सपोर्ट और सैक्रिफाइस सबसे बड़ा कारण है। स्कूल की एक छोटी सी घटना से शुरू हुई यह कहानी आज एक सफल शादी और मजबूत साझेदारी में बदल चुकी है।
Updated on:
14 Feb 2026 01:10 pm
Published on:
14 Feb 2026 01:10 pm
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