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Bastar Petrol Crisis: शहर के ज्यादातर पंपों पर ‘नो पेट्रोल-डीजल’ बोर्ड, PM की अपील के दूसरे दिन से ही आमजन परेशान

Bastar Petrol Crisis: बस्तर जिले में पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट सामने आया है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से लंबी कतारें लगीं।

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Bastar Petrol Crisis

‘नो पेट्रोल-डीजल’ बोर्ड (photo source- Patrika)

Bastar Petrol Crisis: पीएम मोदी ने दो दिन पहले लोगों से पेट्रोल-डीजल के कम उपयोग की अपील की थी। पीएम की अपील के दूसरे दिन ही शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद होते दिखे। जहां पेट्रोल-डीजल मिल रहे थे वहां लंबी कतार लगी रही। यह एक बड़े संकट की आहट है, हालांकि दावा किया जा रहा है कि दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। बस्तर जिले में पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट देखने को मिल रहा है।

अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बुधवार को ‘‘नो पेट्रोल’’ और ‘‘डीजल उपलब्ध नहीं’’ के बोर्ड लगने से लोग परेशान होकर एक पंप से दूसरे पंप तक भटकते नजर आए। ईंधन संकट का असर आम नागरिकों, किसानों, ट्रैक्टर चालकों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर साफ दिखाई दिया।

Bastar Petrol Crisis: किसान और ट्रैक्टर चालक परेशान

अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। डीजल नहीं मिलने से किसान और ट्रैक्टर चालक सबसे ज्यादा परेशान दिखाई दिए। कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने बताया कि पहले से बिजली संकट की समस्या बनी हुई है, अब डीजल नहीं मिलने से सिंचाई और कृषि कार्य भी ठप पडऩे लगे हैं।

डीजल नहीं मिलने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। खेतों में ङ्क्षसचाई और ट्रैक्टर का काम पूरी तरह डीजल पर निर्भर है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है- राम सिंह, स्थानीय किसान

डीजल के लिए एक पंप से दूसरे पंप तक भटके लोग

डीजल की तलाश में लोग एक पेट्रोल पंप से दूसरे पेट्रोल पंप तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं भी डीजल उपलब्ध नहीं था। कई स्थानों पर डीजल वाहन खड़े दिखाई दिए, जिन्हें ईंधन नहीं मिलने के कारण संचालित नहीं किया जा सका। सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों ने भी स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से जल्द राहत दिलाने की मांग की।

गांव से सुबह पेट्रोल और डीजल लेने शहर आए थे, लेकिन कई पेट्रोल पंप घूमने के बाद भी ईंधन नहीं मिला। गांव वालों का आने-जाने में ही समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया— देवन्द्र बघेल, ग्रामीण

शहर के कई पेट्रोल पंपों पर नो पेट्रोल का बोर्ड लगा है। जहां पेट्रोल मिल रहा है वहां इतनी लंबी लाइन है कि घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कामकाज प्रभावित हो रहा है। आगे पता नहीं क्या होगा- शेखर दास, वाहन चालक

कहीं पेट्रोल नहीं तो कहीं लगी लंबी कतार

आमागुड़ा चौक स्थित पेट्रोल पंप पर ‘‘नो पेट्रोल’’ का बोर्ड लगा होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक बिना ईंधन लिए वापस लौटते दिखाई दिए। वहीं दलपत सागर किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल उपलब्ध होने के कारण वहां दुपहिया वाहनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

लोगों को घंटों लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप में शाम के समय पेट्रोल पहुंचने के बाद कुछ राहत मिली, लेकिन वहां भी लंबी कतारें लगी रहीं। दूसरी ओर नेशनल हाईवे स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए चारपहिया वाहनों की कतार हाईवे तक पहुंच गई थी। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों में यही हालात दिखाई दिए।

दावा- दो दिन में हालात सुधरेंगे

पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि ईंधन की कमी नहीं है, बल्कि सप्लाई बाधित होने के कारण यह स्थिति बनी है। समय पर टैंकर नहीं पहुंच पाने से पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। संचालकों ने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक परेशानी

ईंधन संकट का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर पड़ रहा है। गांवों से शहर पहुंचे लोग घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। आम जनता ने प्रशासन और सरकार से जल्द स्थिति सामान्य करने की मांग की है।