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Petrol Diesel: बेमेतरा में पेट्रोल-डीजल के लिए मची मारामारी, पंपों के बाहर लोगों की भारी भीड़

Petrol diesel Crisis: बेमेतरा के 7 में से 6 पंपों में पूरी तरह से पेट्रोल-डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है। वहीं जहां मिल रहा है वहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है..

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Petrol diesel Crisis in Bemetara

बेमेतरा में पेट्रोल-डीजल के लिए मची मारामारी ( Photo - Patrika )

Petrol diesel Crisis in Bemetara: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और तनाव का असर अब जिले की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका और सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल के दाम बेतहाशा बढऩे की अफवाहों ने जिले में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। हालत यह है कि जो लोग सामान्य दिनों में अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार 100 या 200 रुपए का ईंधन भरवाते थे।

Petrol diesel Crisis: 1500 रुपए तक का डलवा रहे पेट्रोल

वे अब भविष्य की असुरक्षा के डर से 500 से 1500 रुपए तक का पेट्रोल डलवा रहे हैं। घबराहट का आलम यह है कि लोग अपनी गाडिय़ों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ घरों में सुरक्षित रखने के लिए 20 से 50 लीटर के प्लास्टिक केन लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।

आंकड़ों में उछाल: 35 फीसदी बढ़ी पेट्रोल की दैनिक डिमांड

ईंधन की इस अचानक बढ़ी मांग ने आपूर्ति श्रृंखला की कमर तोड़ दी है। सांख्यिकीय दृष्टि से देखें तो बेमेतरा जिले में सामान्य दिनों में पेट्रोल की औसत खपत लगभग 1 लाख 10 हजार लीटर प्रतिदिन रहती है। लेकिन वर्तमान अनिश्चितता और पैनिक बाइंग (डर में की गई खरीदारी) के चलते यह मांग 35 प्रतिशत तक बढ़कर 1 लाख 40 हजार लीटर प्रतिदिन के पार पहुंच गई है। जिले भर में संचालित कुल 35 पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ गया है, जिनमें से अकेले जिला मुख्यालय के 7 पंपों पर सबसे ज्यादा मारामारी देखी जा रही है।

मध्य बाजार रोड पर स्थित पंप पर स्थिति रही तनावपूर्ण

इंडियन ऑयल पर भारी दबाव और प्रशासन की विफलता पर सवाल शहर के मध्य बाजार रोड पर संचालित पंप पर स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण रही, क्योंकि वहां केवल पेट्रोल उपलब्ध था और डीजल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका था। पेट्रोल के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंप कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कतारों की लंबाई मुख्य सडक़ के यातायात को बाधित करने लगी थी, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को भी सक्रिय होना पड़ा। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

शहरी पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड हरी पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड

मंगलवार शाम से ही बेमेतरा के शहरी इलाकों में पेट्रोल खत्म होने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया, जिसके बाद नवागढ़ रोड, कवर्धा रोड, रायपुर रोड और दुर्ग रोड पर स्थित सभी 7 प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों का सैलाब उमड़ पड़ा। देखते ही देखते करीब दो घंटे के भीतर 7 में से 6 पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए। दुर्ग रोड स्थित जिस एकमात्र पंप पर ईंधन उपलब्ध था, वहां भी देर रात तक स्टॉक समाप्त हो गया। बुधवार सुबह 4 बजे से ही लोग दोबारा कतारों में लगने लगे।

नकद भुगतान का संकट और सीमित सप्लाई

इस ईंधन संकट के पीछे केवल अफवाहें ही नहीं, बल्कि कंपनियों की नई व्यापारिक शर्तें भी एक बड़ा कारण बनकर उभरी हैं। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में तेल कंपनियां डीलरों से नकद भुगतान की मांग कर रही हैं, जिससे डीलरों के लिए स्टॉक उठाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बेमेतरा जिले के बेमेतरा, साजा, नवागढ़ और बेरला ब्लॉक में संचालित 28 अन्य पंपों पर भी इसी तरह का दबाव है।

जानकारी के अनुसार, केवल इंडियन ऑयल कंपनी ही वर्तमान में मांग के अनुरूप आपूर्ति कर रही है, जबकि अन्य निजी और सार्वजनिक कंपनियां मांग के मुकाबले मात्र 75 से 80 फीसदी ही सप्लाई दे पा रही हैं। एक औसत फ्यूल सेंटर पर जहां प्रतिदिन 3800 से 4000 लीटर पेट्रोल की मांग रहती थी, वहां अब आपूर्ति सीमित होने से संकट और गहराता जा रहा है। ईंधन संकट और पंपों की निगरानी के सवाल पर प्रशासन का रवैया उदासीन नजर आ रहा है।

जिला खाद्य अधिकारी ओमकार ठाकुर का कहना है कि पेट्रोल पंपों की निगरानी अब उनके विभाग के कार्यक्षेत्र के दायरे में नहीं आती, जिससे जनता में और अधिक रोष है। कतार में खड़े उपभोक्ताओं जैसे मोहन वर्मा, बैखासू यादव और राजकुमार ने वर्तमान व्यवस्था पर कड़े प्रहार किए हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदारो उदासीनता के कारण आम आदमी को हर बुनियादी चीज के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है।

पहले डीएपी खाद के संकट ने किसानों को रुलाया और अब पेट्रोल-डीजल की मारामारी ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है। फिलहाल आपूर्ति बाधित होने का ठोस कारण और इसके समाधान की समय सीमा स्पष्ट न होने से शहर में ईंधन को लेकर मची यह बेचैनी शांत होती नहीं दिख रही है।