CG Eye Flu: बारिश के मौसम में यह समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है..
Chhattisgarh Eye Flu: जिले में आई फ्लू बड़ी तेजी से फैल रहा है। पिछले एक महीने की तरफ नजर डाले तो जिलें में अब तक 600 से अधिक लोग कंजंक्टिवाइटिस इंफेक्शन यानी आंख के इंफेक्शन का शिकार हो गए हैं। रोजाना 15 से 20 मामले महारानी अस्पताल तो इतनेही मामले मेडिकल कॉलेज में आ रहें है।
CG Eye Flu: लगातार बारिश और धूल की वजह से लोग इसे सामान्य इंफेक्शन भी समझ रहे हैं। जिसकी वजह से कई लोग इसका इलाज कराने की वजह घरेलु उपचार करके ही इसके ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए विशेष शिविर के आयोजन की भी लोग मांग कर रहे हैं।
कंजंक्टिवाइटिस आंखों की समस्या है। कंजंक्टिवा नाम की ट्रांसपैरेंट झिल्ली में इंफेक्शन या सूजन की समस्या है. एडेनोवायरस की वजह से यह इंफेक्शन सबसे ज्यादा होता है। बारिश के मौसम में यह समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। क्योंकि आंख सबसे ज्यादा सेंसेटिव अंग है, इसलिए विशेष याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कंजंक्टिवाइटिस में एक या दोनों आंखें लाल हो सकती हैं। उनमें खुजली हो सकती है। किरकिरापन महसूस हो सकता है। आंखों में स्राव की समस्या या प्रकाश से समस्या हो सकती है। ऐसी दिक्कतें हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
मेकाज डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के बदलने और हवा में नमी के कारण ये रोग पनपता है, और सामान्यत सात से पंद्रह दिन के भीतर संक्रमित व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाता है। इस रोग से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सिर्फ सावधानी और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर इस संक्रमण को बढऩे से रोका जा सकता है।
कंजंक्टिवाइटिस से बचने के लिए क्या करें
आंखों की देखभाल करते रहें।
साफ-सफाई का ध्यान रखें।
आंखों को बार-बार छूने से न बचें।
हाथों को बार-बार धोते रहें।
साफ तौलिए का ही इस्तेमाल करें, उसे किसी के साथ शेयर न करें।
आंखों में मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कुछ दिन कम करें।