CG Naxal News: ऐसा पहली बार होगा जब नक्सली अपने अतीत को बदलने की कवायद से जुड़ेंगे सरेंडर करने के बाद नक्सली अब अपने गांव नहीं जाएंगे। ट्रेनिंग कैंप जैसी व्यवस्था होगी, इससे नक्सलियों को अपना पिछला जीवन याद नहीं आएगा।
CG Naxal News: आकाश मिश्रा/प्रदेश में नई सरकार आने के बाद से बस्तर में बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए सरकार नई नीति भी बना रही है। यह प्रदेश में जल्द लागू हो जाएगी। इसी नीति के तहत नक्सलियों के लिए पुनर्वास जोन की व्यवस्था की जा रही है। पुनर्वास जोन बस्तर के पांच जिलों में स्थापित होंगे। यहां रहकर सरेंडर नक्सली अपने अतीत की सच्चाई को बदलेंगे।
ऐसा पहली बार होगा जब सरकार नक्सलियों को सरेंडर करने के बाद सीधे गांव जाने नहीं देगी बल्कि उनके आगे के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। पुनर्वास जोन की स्थापना की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। (CG Naxal News) बताया जा रहा है कि सरेंडर करने वाले नक्सली यहां सालभर तक रहेंगे और वहां वह सब कुछ सीखेंगे जो उनके भविष्य को बेहतर बनाएगा।
सरेंडर करने वाले जिस भी काम में बेहतर होंगे उसमें उन्हें और निपुण बनाया जाएगा ताकि वे जब कैंप से बाहर निकलें तो उसी क्षेत्र में काम कर अपना जीवन बदल पाएं। यह पूरी कवायद इसलिए की जा रही है ताकि सरेंडर नक्सली भी सम्मानपूर्वक आगे का जीवन जी पाएं। CG Naxal News वहीं दंतेवाड़ा में सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए कॉलोनी बनाई जा रही है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने पुनर्वास जोन के संबंध में कहा है कि हम रिहैब सेंटर की अवधारणा के साथ कुछ नया करने जा रहे हैं। नई नीति जैसे ही प्रदेश में लागू होगी हम अगले ही दिन इसकी स्थापना के काम में जुट जाएंगे।
बस्तर के पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी उनके पास इस पहल की जो जानकारी है उसके अनुसार पुनर्वास जोन में एक से दो कैंप स्थापित होंगे और इन कैंप में ट्रेनिंग कैंप जैसी सारी व्यवस्था होगी। CG Naxal News यहां सरेंडर नक्सलियों के रहने, खाने, मनोरंजन और संबंधित कार्य के प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी।
राज्य सरकार इन कैंपों में संबंधित क्षेत्र के एक्सपर्ट को भी नियुक्ति करेगी जो नक्सलियों को ट्रेंड करेंगे। नक्सलियों को अपना पिछला जीवन याद ना आए और वे एक खुशनुमा माहौल में अपना जीवन आगे जी पाएं इसलिए यह कवायद सरकार कर रही है।
CG Naxal News: नई नीति को लेकर राज्य सरकार ने अब तक खुलकर कुछ भी नहीं कहा है लेकिन जिस तरह की जानकारी पुलिस अफसरों के माध्यम से सामने आ रही है वह यह बताती है कि नई नीति पुरानी नीति से काफी अलग होने वाली है।
इस नीति का उद्देश्य नक्सलियों को सिर्फ मुख्य धारा में लाना नहीं बल्कि उन्हें आगे भी मदद करते रहना है और उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद करना है। CG Naxal News कहा जा रहा है कि पुरानी नीति के तहत जो कुछ भी हुआ है उससे आगे जाते हुए कुछ नया और अगल करने का प्रयास नई नीति में होगा।