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200 करोड़ की हशीश फैक्ट्री का भंडाफोड़, केरल का मास्टरमाइंड एलन जयराज समेत 7 गिरफ्तार, ऐसे खुला राज

Crime News: कोरापुट जिले में बीते दिनों करीब दो सौ करोड़ की हशीश व पांच करोड़ का गांजा पकड़ाया था। छापामारी की सुराग मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
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जगदलपुर

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Khyati Parihar

•

Updated: 1 Mar 2026, 6:43 PM IST

मास्टरमाइंड सहित सात गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

मास्टरमाइंड सहित सात गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG Crime News: कोरापुट जिले में बीते दिनों करीब दो सौ करोड़ की हशीश व पांच करोड़ का गांजा पकड़ाया था। छापामारी की सुराग मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इधर पुलिस ने टीम बनाकर इन आरोपियों की पतासाजी की। लगातार जारी अभियान में पुलिस सफल रही व इस मादक तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते टीम को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से संचालित इस अवैध कारोबार में शामिल मुख्य मास्टरमाइंड समेत कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डीआईजी कनवर विशाल सिंह ने दी। इस अवसर पर एसपी रोहित वर्मा भी उपस्थित थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि केरल के एलेन जयराज (33) इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड है। उसके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है।

इन सात पर आरोप हुए तय

इस मामले में केरल के किरण डी (33), आनंद राज (28), बिथु बी (34) गिरोह के सदस्य के रूप में शामिल थे। वहीं मलकानगिरी के लइचन खिल्ला (25) तथा कोरापुट के साधु पांगी (45) और लक्ष्मण खिल (23) स्थानीय लॉजिस्टिक सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, कोरापुट क्षेत्र को आधार बनाकर यह गुप्त उत्पादन केंद्र संचालित किया जा रहा था। मौके से भारी मात्रा में सामग्री और उपकरण जब्त किए गए हैं। इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच जारी है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है।

मल्टी-स्टेज एक्सट्रैक्शन प्रक्रिया के जरिए हशीश करते थे तैयार

जांच के अनुसार, आरोपी बड़ी मात्रा में गांजा इकट्ठा कर उच्च तकनीक आधारित मल्टी-स्टेज एक्सट्रैक्शन प्रक्रिया के जरिए हशीश तेल तैयार कर रहे थे। इसके लिए एक गुप्त लैब स्थापित की गई थी, जहां प्रेशर कुकर, पाइप, ड्रम तथा आइसोप्रोपाइल अल्कोहल जैसे रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा था। फर्मेंटेशन, डिस्टिलेशन और नियंत्रित ताप प्रक्रिया के माध्यम से उच्च शुद्धता का तेल तैयार किया जाता था। इधर ओडिशा में हुए इस छापामारी से तस्कर सतर्क हो गए हैं।