जगदलपुर

झीरम कांड की 12वीं बरसी पर चढ़ा सियासी पारा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष 12 साल बाद दिवंगत कांग्रेस नेताओं को दी श्रद्धांजलि

CG News: कांग्रेस नेताओं की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम यह झीरम कांड है। इस कांड में संदिग्ध भूमिका में नजर आने वाले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नार्को टेस्ट होना चाहिए।

2 min read
झीरम कांड की 12वीं बरसी पर चढ़ा सियासी पारा (Photo- Patrika)

CG News: 25 मई के दिन देश के सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांड को नक्सलियों ने अंजाम दिया था। इस दिन झीरम घाटी में कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशीप खत्म हो गई। नक्सलियों ने सभी की नृशंश हत्या की थी। इसे हमले के बाद से आज तक भाजपा-कांग्रेस इस मामले में आमने-सामने रहे। इस कांड की 12वीं बरसी पर पहली बार भाजपा के नेताओं ने शहर से लेकर झीरम घाटी तक में दिवंगत कांग्रेस नेताओं को श्रद्धांजलि दी।

CG News: शहर का चढ़ा सियासी पारा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में भाजपाई झीरम घाटी पहुंचे और जहां कांग्रेस नेताओं की हत्या हुई थी वहां उन्हें पहली बार नमन किया। यहां तक सब कुछ सही रहा लेकिन इससे पहले जो हुआ उसने शहर का सियासी पारा चढ़ा दिया। दरअसल हर साल की तरह इस साल भी कांग्रेस के नेता लालबाग में बने झीरम मेमोरियल में अपने नेताओं को श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

मेमोरियल की हालत देख वे अपना दुख व्यक्त कर रहे थे। उनका कहना था कि हमारी सरकार को गए हुए डेढ़ साल हो चुका कम से कम भाजपा को यहां की सुध तो लेनी चाहिए। इन सब चर्चा के बीच ही अचानक कुछ मजदूर मेमोरियल में पहुंचे और मेमोरियल के दाग को सफेद कपड़े से ढंकने लगे। दरअसल मेमोरियल में जहां दिवंगत कांग्रेसियों की मूर्तियां लगी हैं वहां का निचला हिस्सा जर्जर होकर टूट चुका है।

हमारे दिवंगत नेताओं का अपमान: कांग्रेसी

मजदूर उस टूटे हुए हिस्से को सफेद कपड़े से ढंकने लगे। यह देख कांग्रेसी आग बबूला हो गए। उन्होंने कहा कि अगर यही करना था तो बरसी से एक दिन पहले कर लेते अब जब हम इस पर चर्चा कर रहे हैं तो अब यह सब क्यों किया जा रहा है। यह तो हमारे दिवंगत नेताओं का अपमान है।

इसके साथ ही पहली बार सिरहासार के शहीद स्मारक में भी झीरम में मारे गए लोगों और शहीद जवानों को भाजपा ने श्रद्धांजलि दी। इधर इतना लंबा समय निकल जाने के बाद भी जांच एजेंसियों के निष्कर्ष से आम जनता अनजान ही है। यह भी जिज्ञासा है कि आखिरकार यह साजिश जिसने रची है उनके नाम को उजागर कोई सरकार क्यों नहीं कर रही है।

कांग्रेस नेताओं के इशारे पर झीरम का षडयंत्र

CG News: झीरम की बरसी पर बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के इशारे पर ही झीरम घाटी कांड को अंजाम दिया गया। सांसद ने कहा कि पीसीसी चीफ दीपक बैज हर जगह राजनीति की दुकान चला रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को क्रूर शासक बताने से पहले बैज को अपने पार्टी के गिरेबान में झांक लेना चाहिए।

कश्यप ने कहा कि झीरम कांड के दौरान जब प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओ के प्राण नक्सलियों ने लिए तब इस हमले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा बचकर एक बाइक से निकल गए जो कि इस कांड में लिप्त होने की ओर इशारा करता है। कांग्रेस नेताओं की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम यह झीरम कांड है। इस कांड में संदिग्ध भूमिका में नजर आने वाले पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा का नार्को टेस्ट होना चाहिए।

कवासी लखमा के अनेकों नक्सलियों से सांठगांठ का भेद भी खुलना चाहिए जिससे कांग्रेस का चाल चरित्र सामने आ सके। दीपक बैज इस कांड में शामिल अपने चहेते को बचाने इस प्रकार का बयान दे रहे हैं। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इस कांड का मास्टरमाइंड शामिल नक्सली गगन्ना उर्फ बासवराजू को भाजपा सरकार में जवानों ने मार गिराया है।

Published on:
26 May 2025 12:35 pm
Also Read
View All

अगली खबर