जगदलपुर

CG News: इंद्रावती को बचाने आज से किसानों की पदयात्रा, अंतिम दिन करेंगे कलेक्टोरेट कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव

CG News: संघर्ष समिति के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने सभी दलों और संगठनों से अपील की है कि वे इस जन आंदोलन का समर्थन करें, क्योंकि यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं, बल्कि बस्तर की जीवनरेखा को बचाने की लड़ाई है।

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CG News: बस्तर की जीवनरेखा मानी जाने वाली इंद्रावती नदी के संरक्षण और किसानों के जल अधिकारों के लिए इंद्रावती नदी बचाओ संघर्ष समिति आज से पदयात्रा शुरू कर रही है। इस पदयात्रा को कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। तीन दिनों तक यह पदयात्रा जारी रहेगी और अंतिम दिन कलेक्टोरेट कार्यालय घेराव करने पहुंचेंगी।

CG News: पदयात्रा चित्रकोट मार्ग से प्रारंभ

संघर्ष समिति के अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने सभी दलों और संगठनों से अपील की है कि वे इस जन आंदोलन का समर्थन करें, क्योंकि यह केवल किसानों की लड़ाई नहीं, बल्कि बस्तर की जीवनरेखा को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा, इंद्रावती बचेगी, तभी बस्तर बचेगा।

पहले दिन पदयात्रा 26 अप्रैल को किसानों की पदयात्रा सुबह 8 बजे चित्रकोट मार्ग से प्रारंभ हुई। यात्रा में शामिल किसान रैली के रूप में नारायणपाल, बोदरा, छिंदगांव, रोतमा, कुम्हली, पल्ली चकवा, बड़ाजी, बड़े चकवा, टाकरागुड़ा, पराली गांव होते हुए छापर भानपुरी (माता गुड़ी) पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

किसानों से लेकर राज्य सरकार के प्रयासों के बाद मिली राहत की खबर…

CG News: बीते एक महीने से इंद्रावती नदी लगभग सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। इसका मुख्य कारण नदी का जल बड़ी मात्रा में जोरा नाला की ओर मोड़ दिया जाना था, जिससे बस्तर के कई इलाकों में किसानों की खड़ी फसलें सूख गईं और पीने के पानी का संकट गहराने लगा।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सांसद महेश कश्यप ने 3 अप्रैल को लोकसभा में इस मुद्दे को मजबूती से उठाया और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जल परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की गई और 15 अप्रैल को ओडिशा सरकार ने छत्तीसगढ़ को उसके हिस्से का 49 प्रतिशत पानी देने पर सहमति दी।

Updated on:
26 Apr 2025 11:53 am
Published on:
26 Apr 2025 11:52 am
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