जगदलपुर

Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि शुरू होते ही दंतेश्वरी मंदिर में आस्था का सैलाब, 3 हजार ज्योत होंगी प्रज्ज्वलित

Chaitra Navratri 2026: माँ दंतेश्वरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन 3 हजार मनोकामना ज्योत जलाई जाएंगी। श्रद्धालु QR कोड और ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कर रहे हैं।
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माँ दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि (photo source- Patrika)
माँ दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि (photo source- Patrika)

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही बस्तर अंचल की आस्था का केंद्र माँ दंतेश्वरी मंदिर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ लगभग 3 हजार मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएंगी। इस दौरान देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से जुड़े श्रद्धालु भी अपनी आस्था की ज्योत जलाकर माता से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करेंगे।

Chaitra Navratri 2026: भुगतान और पंजीकरण की व्यवस्था

मंदिर समिति के अनुसार, इस वर्ष ज्योत जलाने को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले ही ऑनलाइन माध्यम से बुकिंग कर ली है। डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देते हुए मंदिर प्रशासन ने क्यूआर कोड के जरिए भुगतान और पंजीकरण की व्यवस्था भी की है, जिससे दूर-दराज के भक्त भी आसानी से इस धार्मिक अनुष्ठान से जुड़ सकें।

ज्योत शुल्क में मामूली बदलाव

बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए इस बार ज्योत कलश के शुल्क में हल्का संशोधन किया गया है। तेल से जलने वाली ज्योत के लिए 751 रुपये और घी की ज्योत के लिए 1751 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है, और बड़ी संख्या में लोग ज्योत जलाने के लिए आगे आ रहे हैं।

दर्शन के लिए उमड़ेगी भीड़, प्रशासन सतर्क

नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कतारबद्ध दर्शन, पेयजल, प्रकाश और पार्किंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

Chaitra Navratri 2026: बस्तर की आस्था का केंद्र

माँ दंतेश्वरी मंदिर बस्तर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। यही वजह है कि नवरात्रि के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और ज्योत जलाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

इस वर्ष का आयोजन एक बार फिर यह दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक आस्था आधुनिक तकनीक के साथ कदमताल कर रही है। ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएं न केवल व्यवस्थाओं को सरल बना रही हैं, बल्कि बस्तर की इस ऐतिहासिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का भी काम कर रही हैं।

Updated on:
19 Mar 2026 07:50 am
Published on:
19 Mar 2026 07:50 am