
Chhattisgarh Weather News: छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण जहां कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं नदी-नालों और जलप्रपातों में भी पानी का बहाव बढ़ गया है। इसी बीच बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात बारिश के बाद अपने बेहद खूबसूरत और रौद्र रूप में नजर आ रहा है।
लगातार हो रही बारिश के चलते चित्रकोट जलप्रपात में पानी की आवक बढ़ गई है। जलप्रपात से गिरते पानी की गर्जना दूर तक सुनाई दे रही है। बारिश के कारण चित्रकोट का नजारा और भी आकर्षक हो गया है। जलप्रपात का यह दृश्य पर्यटकों के लिए खासा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इंद्रावती नदी पर स्थित चित्रकोट जलप्रपात को छत्तीसगढ़ का 'नियाग्रा फॉल' भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पानी का प्रवाह बढ़ने के साथ जलप्रपात का स्वरूप काफी भव्य हो जाता है। इस समय लगातार बारिश होने से जलप्रपात में पानी की मात्रा बढ़ी है और कई धाराएं एक साथ नीचे गिरती नजर आ रही हैं। चित्रकोट जलप्रपात की खूबसूरती देखने के लिए हर साल छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के साथ ही देश के अन्य हिस्सों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। मानसून के दौरान यहां का नजारा विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहता है।
बारिश के बीच पूरे शबाब पर पहुंचे चित्रकोट जलप्रपात का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में जलप्रपात से तेज रफ्तार के साथ नीचे गिरता पानी और चारों तरफ दिखाई दे रही हरियाली नजर आ रही है। बारिश के कारण आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी बेहद मनमोहक दिखाई दे रहा है। हालांकि लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में पर्यटकों को जलप्रपात और आसपास के इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश का दौर थमने के बाद चित्रकोट पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। इसके बाद 27 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है और 28-29 सितंबर तक कई क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क हो सकता है।
रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी और महासमुंद में 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 28 और 29 सितंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क होने के आसार हैं।
दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में भी 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने और मौसम के धीरे-धीरे शुष्क होने की संभावना है।
बस्तर संभाग के बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर में 26 और 27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 28 से 29 सितंबर के आसपास यहां भी मौसम शुष्क होने के आसार हैं।
फिलहाल प्रदेश में बारिश का असर बना हुआ है। कई इलाकों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी है, जबकि प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी का प्रवाह बढ़ा है। चित्रकोट जलप्रपात में भी बढ़े जलप्रवाह ने इसकी खूबसूरती को और बढ़ा दिया है। हालांकि बारिश के दौरान जलप्रपात और नदी-नालों के आसपास सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है।