विशाखापट्टनम की ओर तेजी से बढ़ रहा बुलबुल, मौसम में बदलाव के साथ बौछारें पड़ सकती है।
जगदलपुर. नवंबर महीना आ चुका है लेकिन अभी भी लोगों को ठंड का अहसास नहीं हो रहा। इधर मानसून की विदाई हो चुकी है। तब भी मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसके पीछे की वजह पूर्व और उत्तर दिशा से नमीयुक्त हवा का आना है। ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि कभी भी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की माने तो बुलबुल तूफान के चलते मौसम में बदलाव होगा। 9 नवंबर को तूफान असर दिखाएगा। वहीं बुलबुल तूफान के चलते मौसम में बदलाव के साथ बौछारें पड़ सकती है। बारिश होने का डर सबसे ज्यादा किसानों को सता रहा है। किसानों की धान की फसल खड़ी है। अगर बारिश हुई तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बुलबुल सक्रिय हो रहा है।
यह तूफान हिंद महासागर में बन रहा है। ऐसा अनुमान है कि यह तूफान 8-9 नवंबर को विशाखापट्टनम के समुद्री तट से टकराएगा। बता दें कि इस तूफान का सबसे ज्यादा असर विशाखापट्टनम और पड़ोसी जिलों में होगा। यह दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग को भी खासा प्रभावित करेगा। इस तूफान पर केंद्रीय मौसम विज्ञान विभाग नजरें जमाए हुए है।
अप्रैल में फेनी का भी बस्तर पर पड़ा था असर
इसी साल अप्रैल महीने में फेनी तूफान का असर बस्तर पर पड़ा था। यह तूफान ओडिशा के गोपालपुर में टकराया था लेकिन इस बार बुलबुल विशाखापट्टनम की तरफ बढ़ रहा है। इसलिए बस्तर पर तूफान का ज्यादा असर पड़ सकता है।