शहर और आउटर में कोहरा छाने लगा है। रात में हल्की ठंड का भी अहसास होने लगा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया है।
जगदलपुर. शहर के लिए अच्छी खबर है। चक्रवात बुलबुल ने मंगलवार रात तेजी से अपनी दिशा बदल ली। पहले तूफान के ओडिशा या विशाखापट्टनम के तट से टकराने का अंदेशा जताया जा रहा था।, जिसका असर समूचे बस्तर पर होने की आशंका थी। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि चक्रवात फिलहाल अंडमान निकोबार से 390 किमी दूर मायाबंदर में है और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में तूफान के भारत में दाखिल होने की आशंका अब कम हो चुकी है। हालांकि गुरुवार दोपहर बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
किसानों के लिए अच्छी खबर , फसल पर मंडराता खतरा टला
तूफान अगर विशाखापट्टनम से टकराता तो इसका असर उसके नजदीकी जिलों पर पड़ता। विशाखापट्टनम की दूरी बस्तर से कम है। ऐसे में यहां तूफान का असर पड़ता। बेमौसम भारी बारिश हो सकती थी, लेकिन अब यह खतरा लगभग टल गया है। धान की फसल कटने को तैयार है, ऐसे में बारिश के हालात टलने से किसानों को राहत मिली है। जिस दिन से यह खबर फैली कि बस्तर पर बुलबुल का असर होगा तब से यहां के किसान परेशान थे, क्योंकि कई किसानों की खेतों में कटी फसल पड़ी है। अब किसानों को इस खबर से जरूर राहत मिलेगी कि बस्तर पर बुलबुल का असर नहीं होगा।
सुबह छाने लगा कोहरा, रात में हल्की ठंड
शहर और आउटर में कोहरा छाने लगा है। रात में हल्की ठंड का भी अहसास होने लगा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया है। बुलबुल तूफान का आंशिक असर बस्तर पर आने वाले दो दिनों तक बना रहेगा। बारिश नहीं होगी पर बादल जरूर छाए रहेंगे।