
जगदलपुर. संलग्नीकरण खात्मे की सूची में इतने बड़े पैमाने पर विसंगति उजागर होने के बाद भी डीईओ एचआर सोम अपनी और विभाग की गलती स्वीकारने की जगह नए-नए आदेश जारी कर रहे हैं। वे इन आदेशों के जरिए शिक्षा महकमे में भय फैलाने का काम कर रहे हैं। अब डीईओ दफ्तर से एक और नया आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा जा रहा है कि २४ जून को मूल संस्था में ज्वाइनिंग नहीं देने वालों पर निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा महकमें में हो रही आलोचना
डीईओ ने अपने आदेश के जरिए यह साबित कर दिया है कि वे अपनी जिद हर हाल में पूरी करना चाहते हैं, इतनी बड़ी-बड़ी खामियां उजागर होने के बाद भी वे खामियों को दूर करने के बजाय इस तरह के आदेश जारी कर रहे हैं। इस तरह के कृत्य से उनकी शिक्षा महकमे में खूब आलोचना हो रही है।
तो मेडिकल लीव भी नहीं ले सकते शिक्षक
संलग्नीकरण खाम्त्मे के बाद तत्काल मूल संस्था में ज्वाइनिंग नहीं दे पाने वाले शिक्षकों को किसी भी तरह की छुट्टी देने पर रोक लगा दी गई है। यानी अब अगर कोई शिक्षक बीमार भी पड़ता है तो उसे छुट्टी नहीं दी जाएगी। डीईओ की तरफ सेे जारी पत्र में जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों से छुट्टी देने का अधिकार छीन लिया गया है। कहा गया है कि विशेष परिस्थिति में जिसे अवकाश लेना हो वे डीईओ कार्यालय से संपर्क करे। संलग्नीकरण खात्मे की सूची में कई शिक्षक ऐसे हैं जिनका रिटायरमेंट करीब है और वे शारीरिक रूप से मूल संस्था में फिलहाल ज्वाइनिंग देने में सक्षम नहीं है। ऐसे शिक्षकों ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए डीईओ को आवेदन भी दिया है बावजूद इसके डीईओ की तरफ से तनाव की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। जो शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं है। मेडिकल लीव की सुविधा में खम्त्म कर दी गई है।
इधर, एक और सूची जारी करने की तैयारी
संलग्नीकरण खाम्त्मे की पहली सूची में ही ढेरों विसंगतियां मिली हैं। मृत और सेवानिवृत्त शिक्षकों को मूल संस्था भेजा जा रहा है। इस बीच डीईओ २०० से ज्यादा शिक्षकों के संलग्नीकरण खात्मे की दूसरी सूची जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। डीईओ अपनी पुरानी गलती को सुधारने की जगह नई सूची जारी कर रहे हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि डीईओ ने यह सूची पहली सूची जारी होने से पहले ही तैयार कर ली थी लेकिन उसे रोके रखा था।