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Bastar Flood Alert: बस्तर में 14 से 16 सितंबर तक मूसलाधार बारिश के आसार, इंद्रावती किनारे गांवों में अलर्ट जारी

Chhattisgarh Rain Alert: बस्तर में बारिश की रफ्तार फिलहाल धीमी है, लेकिन 14 से 16 सितंबर तक तेज बारिश के आसार हैं। इंद्रावती किनारे गांवों को अलर्ट पर रखा गया है और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर है।
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Bastar Flood Alert

बस्तर में फिर बारिश बढ़ने के आसार (Photo Source- Patrika)

Bastar Flood Alert: बस्तर जिले में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदला नजर आया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, पिछले तीन दिन से जारी बारिश की गति थोड़ी कम हुई। जिले के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट के साथ मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। 14 से 16 सितंबर तक जिले में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने के भी आसार हैं। मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों को सतर्क रहने की जरूरत है।

Bastar Flood Alert: बारिश बढ़ी तो नदी-नालों का बढ़ेगा जलस्तर

लगातार बारिश होने की स्थिति में जिले के नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों के आसपास और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से अनावश्यक रूप से इन स्थानों की ओर नहीं जाने की अपील की गई है।

स्कूली बच्चे, मरीज, कर्मचारी और किसान सब परेशान

करपावंड-जैबेल मार्ग पर पेटपुली नदी में बाढ़ आने से एक बार फिर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक इस मार्ग पर नदी के ऊपर ऊंचे पुल का निर्माण नहीं किया गया है, बल्कि छोटे से रपटे के सहारे आवाजाही चल रही है। ऐसे में हल्की बारिश में भी नदी का जलस्तर बढ़ते ही मार्ग बंद हो जाता है। कल देर शाम से लगातार हो रही बारिश के बाद नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई, जिससे आज सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग दोनों किनारों पर फंसे हुए हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और बाजार जाने वाले किसानों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार जरूरी काम से निकलने वाले कई लोग नदी का पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच से रास्ता पार करने की कोशिश करते नजर आए।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर साल करीब तीन से चार महीने तक यही स्थिति बनी रहती है। पेटपुली नदी में पानी बढऩे के बाद करपावंड-जैबेल मार्ग का संपर्क टूट जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि ऊंचे पुल के निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार जनपद पंचायत, कलेक्टर और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

हजारों लोगों के लिए मुख्य मार्ग

ग्रामीणों के अनुसार करपावंड और जैबेल क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए यह प्रमुख सडक़ है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि से जुड़े काम भी प्रभावित होते हैं। उनका कहना है कि हर बारिश में मार्ग बंद होने के बावजूद अब तक नदी पर ऊंचे पुल का निर्माण नहीं कराया गया है।

Bastar Weather: प्रशासन की टीम नहीं पहुंचने से नाराजगी

ग्रामीणों ने बस्तर जिला प्रशासन से पेटपुली नदी पर तत्काल ऊंचे पुल के निर्माण को स्वीकृति देने और पुल बनने तक आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद मौके पर अब तक लोक निर्माण विभाग या राजस्व विभाग की टीम नहीं पहुंची है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग को आवागमन के योग्य नहीं बनाया गया और पेटपुली नदी पर स्थायी पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया, तो वे चक्काजाम और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।