11 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘हैलो… आपका UPI काम नहीं कर रहा?’ फोन के बाद खुली WhatsApp फाइल, और खाते से पार हो गए 1 लाख

Online Banking Fraud: UPI काम नहीं करने पर बैंक का फर्जी ऐप डाउनलोड करना एक शख्स को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने फोन और WhatsApp फाइल के जरिए मोबाइल हैक कर खाते से 1 लाख रुपए पार कर दिए।
2 min read
Google source verification
UPI Cyber ​​Fraud

बैंक ऐप समझकर डाउनलोड किया फर्जी ऐप (Photo Source- Patrika)

UPI Cyber ​​Fraud: साइबर ठग अब बैंक और यूपीआई की तकनीकी समस्या का समाधान करने के बहाने लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसी ही एक घटना में पीड़ि़त ने यूपीआई काम नहीं करने की शिकायत करने के लिए बैंक के नाम से उपलब्ध एक फर्जी ऐप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद ठगों ने उसे फोन कर भरोसे में लिया और व्हाट्सएप पर भेजी गई फाइल खोलने के निर्देश दिए। बताए गए निर्देशों का पालन करते ही मोबाइल हैक हो गया और बैंक खाते से एक लाख रुपए एक ही झटके में पार हो गए।

Fake App Download: साइबर ठगों को पीड़ि़त तक पहुंचने का रास्ता

पीड़ित ने यूपीआई काम नहीं करने पर बैंक में शिकायत करने के लिए बैंक के नाम और पहचान से मिलता-जुलता ऐप डाउनलोड किया था। उसे यह पता नहीं चला कि जिस ऐप के माध्यम से वह समस्या की शिकायत कर रहा है, वह बैंक का अधिकृत ऐप नहीं बल्कि फर्जी ऐप था। इसी के बाद साइबर ठगों को पीड़ि़त तक पहुंचने का रास्ता मिल गया।

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि साइबर ठगी की शुरुआत किसी अनजान लिंक या सीधे ओटीपी मांगने से नहीं, बल्कि बैंक के नाम पर बने फर्जी ऐप से हुई। बैंक की शिकायत समझकर डाउनलोड किए गए ऐप के बाद पीड़ि़त को ठगों ने संपर्क किया और तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर आगे की प्रक्रिया बताई। यही चूक आखिरकार खाते से रकम निकलने का कारण बन गई।

मदर टेरेसा वार्ड निवासी प्रेम सिंग के मोबाइल पर कॉल रिसीव करते ही सामने से आवाज आई ‘क्या आपका यूपीआई काम नहीं कर रहा है? आपने बैंक में कंप्लेन किया है?’ पीड़ि़त के हां कहते ही कॉलर ने उसे व्हाट्सएप खोलने को कहा। इसके बाद बैंक की ओर से भेजी गई फाइल बताकर उसे ओपन करने और कुछ निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया।

पीड़ि़त ने कॉलर पर भरोसा कर निर्देशों का पालन कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। मोबाइल दोबारा चालू करने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हुई। इसी बीच बैंक खाते से एक लाख रुपए निकलने की जानकारी मिली तो पीडि़त के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तत्काल बैंक पहुंचकर अपना खाता होल्ड कराया, ताकि बची हुई रकम को सुरक्षित रखा जा सके। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई।

जागरूकता के बीच ठगी का नया तरीका

पुलिस प्रशासन लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को अनजान कॉल, लिंक, फाइल और ऐप से सावधान रहने की अपील कर रहा है। इसके बावजूद साइबर ठग बैंकिंग सेवाओं के नाम पर नए-नए तरीके अपना रहे हैं। बैंक का नाम, लोगो और शिकायत समाधान जैसी प्रक्रिया का इस्तेमाल कर ठग लोगों में भरोसा पैदा कर रहे हैं।

Cyber ​​Crime: पत्रिका साइबर अलर्ट

बैंक की शिकायत के लिए ऐप डाउनलोड करने से पहले सौ बार जांचें। किसी सर्च इंजन, सोशल मीडिया पोस्ट या अनजान लिंक से बैंकिंग ऐप डाउनलोड न करें। बैंक का ऐप केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। व्हाट्सएप पर फाइल भेजे तो ना खोलें।

एक्सपर्ट व्यू

बैंक कभी भी फोन पर आपकी समस्या ठीक करने के नाम पर संदिग्ध ऐप, फाइल या लिंक खोलने के लिए बाध्य नहीं करता। खाते से रकम निकलने की स्थिति में तत्काल बैंक से संपर्क करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं- डॉ सुशील साहू, आईटी विशेषज्ञ