
जगदलपुर.शहर में बढ़ती छेडख़ानी की घटनाओं को लेकर लड़कियां ही नहीं जागरुक युवा भी चिंतित है। वे मानते है कि यह हमारे घर की बहन बेटी के साथ भी हो सकता है। इसके लिए वे सभी को एकजुट होकर छेड़छाड़ के खिलाफ विरोध करने पर जोर देते हैं। पत्रिका से चर्चा में शहर के इंजीनियरिंग छात्रों ने छेडख़ानी को लेकर कुछ इस तरह सोच रखीं। इनमें से कुछ छात्रों ने एकजुटता पर जोर दिया तो कुछ ने कहा कि लड़कियों को लेकर अब पुरानी व संकीर्ण मानसिकता बदलना होगी।
...इसलिए दुकान में आती है लड़किया
मेरी दुकान में सुबह से शाम तक लड़के बैठे रहते है। कर्ई बार एेसा हुआ है कि मेरे सामने लड़के कई बार लड़कियों पर भद्दे कमेंट्स करते है। इसका मैंने विरोध भी किया। यही कारण है कि मेरी दुकान में लड़कियां भी आती है।
विशु, दुकानदार
...ऐसे होगी घटनाएं अपने आप बंद
छात्र जिस दिन सभी लड़के अपने दिमाग में ये बात बैठा ले कि जैसे हमारी बहन होती है ठीक वैसे ही जिनकों लड़के छेड़ते है वह भी है। तो छेडख़ानी जैसी घटनाएं अपने आप बंद हो जाएंगी।
राजेन्द्र पटेल, छात्र
...लगाम लगाने हमें भी करना होगा विरोध
लड़कियां हमारी दोस्त है, इसलिए हमें उनकी भावनाएं पता है कि छेडख़ानी से उन्हें कितना बुरा लगता है। ऐसे कृत्यों पर लगाम लगाने हमें ही आगे आकर विरोध करना होगा।
पकंज कौशिक, छात्र
...लड़कियों को करना चाहिए प्रतिकार
छेडख़ानी होने पर सबसे पहले लड़कियों को ही इसका प्रतिकार करना चाहिए, तभी लड़कों में सुधार हो सकता है। चुपचाप रहने से ऐसे मनचलों का हौसला बढ़ता है।
तेजेन्द्र साहू, छात्र
... अबला नहीं, पुरुषों से भी कम नहीं
समय अब बदल चुका है। लड़कियों को सम्मान देना होगा। वे अब अबला नहीं बल्कि किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। उन्हें भी आजादी से जीने का अधिकार है।
नेल्सन, छात्र