जगदलपुर

अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर! खेती की जमीन बेचने वालों पर प्रशासन ने दिखाई सख्ती, बड़ा अभियान शुरू

Bulldozer Action: जगदलपुर में अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कदली वन इलाके में बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों को रोकते हुए जेसीबी से रास्ते खोदकर साइट ब्लॉक कर दी गई। प्रशासन ने भू-माफियाओं को सख्त चेतावनी दी है।

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May 29, 2026
Bulldozer Action on Illegal Plotting(photo-patrika)

Bulldozer Action on Illegal Plotting: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में तेजी से बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग के कारोबार पर प्रशासन ने आखिरकार सख्त रुख अपनाया है। कृषि भूमि को अवैध रूप से छोटे-छोटे प्लॉट में काटकर बेचने के मामले में नगर पालिका प्रशासन ने कदली वन इलाके में बड़ी कार्रवाई की। बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया गया और मौके पर पहुंची टीम ने जेसीबी की मदद से रास्तों को खोदकर पूरी साइट को ब्लॉक कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोबारा अवैध निर्माण या प्लॉटिंग की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Bulldozer Action on Illegal Plotting: कृषि भूमि पर हो रही थी अवैध प्लॉटिंग

जानकारी के मुताबिक कदली वन क्षेत्र में कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर बेचा जा रहा था। आरोप है कि न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई थी और न ही जमीन का डायवर्सन कराया गया था। इसके बावजूद क्षेत्र में सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे का काम शुरू कर दिया गया था। शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका और प्रशासनिक अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई शुरू की।

जेसीबी से रास्ते खोदकर रोका निर्माण कार्य

कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने जेसीबी मशीन की मदद से निर्माण स्थल तक जाने वाले रास्तों को खोद दिया, ताकि दोबारा निर्माण सामग्री और वाहन अंदर न पहुंच सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि कार्रवाई के बाद भी अवैध निर्माण दोबारा शुरू न हो सके। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चर्चाएं होती रहीं।

किसानों ने पहले ही की थी शिकायत

मामले में स्थानीय किसानों ने पहले ही कलेक्टर से शिकायत की थी। किसानों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा जमीन के नक्शों और रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर कब्जे और अवैध प्लॉटिंग की साजिश रची जा रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि खेती योग्य जमीन को तेजी से खत्म किया जा रहा है, जिससे भविष्य में कृषि संकट गहरा सकता है। किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

राजस्व अमले की भूमिका पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में स्थानीय राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है that बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर अवैध प्लॉटिंग संभव नहीं है। कई स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जमीन रिकॉर्ड में हुई कथित गड़बड़ियों और अनुमति प्रक्रिया की भी जांच कराई जाए, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों और दलालों की भूमिका सामने आ सके।

तेजी से बढ़ रहा अवैध प्लॉटिंग का कारोबार

जगदलपुर शहर और आसपास के इलाकों में बीते कुछ वर्षों से अवैध प्लॉटिंग का कारोबार तेजी से बढ़ा है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि को आवासीय प्लॉट बताकर बेचने के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में शहर में खेती योग्य जमीन की भारी कमी हो सकती है और अनियोजित विकास से बुनियादी सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ेगा।

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों और वैधानिक अनुमतियों की जांच अवश्य करें। फिलहाल कदली वन क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भू-माफियाओं और अवैध कारोबारियों के लिए बड़ी चेतावनी मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कृषि भूमि को बचाने और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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Updated on:
29 May 2026 11:42 am
Published on:
29 May 2026 11:38 am
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