
Journalist Mukesh Chandrakar Murder Case: बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के ठेकेदारी का लाइसेंस पीडब्लूडी ने निरस्त कर दिया है। इसके अलावा उसे जारी सभी टेंडर को भी विभाग ने रद्द कर दिया है। हत्या के बाद से फरार रहे सुरेश को रविवार को ही पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इसे तथा अन्य आरोपियों को बीजापुर लाकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
लाइसेंस व टेंडर रद्द किए जाने में नेलसनार गंगालूर मार्ग का काम शामिल है जिसकी रिपोर्टिंग को इस जघन्य हत्याकांड की वजह माना जा रहा है। पीडब्लूडी ने इसके अलावा जैमुर रोड से तुमनार और कुटरु से फरसेगढ के काम भी आदेश जारी कर रद्द कर दिए हैं। यह सारा आदेश 6 जनवरी 2025 को जारी किया गया है।
कार्यालय प्रमुख अभियंता पीडब्लूडी ने कहा है कि सुरेश चंद्राकर अ वर्ग का ठेकेदार है। इसके अलावा इस पर मुकेश चंद्राकर की हत्या का आरोप है। इसकी वजह से यह लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। इसके बाद पीडब्लूडी वेस्ट बस्तर डिवीजन ने सुरेश को आवंटित 37 किमी लंबे टू लेन के काम में आठ महीने से प्रगति नहीं दिखा पाने की वजह से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है।
1 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी। दो दिन बाद तीन जनवरी को एक ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के यार्ड में बने सेप्टिक टैंक से उसका शव पुलिस ने बरामद किया। इसके बाद मामले के तूल पकड़ने के बाद रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर व महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया। जबकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुरेश चंद्राकर को हैदराबाद से पकड़ा गया। घटना के विरोध में बीजापुर बंद रहा। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है।