जगदलपुर

कल पर्यटकों के लिए खुल जाएगी बस्तर की वो अंधेरी गुफा जहां अंधी मछलियों का है राज

विश्वप्रसिद्ध बस्तर की कुटुमसर गुफा कई रहस्यों को अभी भी अपने में समेटे हुए है जिनका द्वारा लगातार अध्ययन किया जा रहा है।

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Oct 31, 2019
कल पर्यटकों के लिए खुल जाएगी वो अंधेरी गुफा जहां अंधी मछलियों का है राज

जगदलपुर. कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और वहां स्थित कोटमसर गुफा १ नवंबर से १५ जून २०२० तक पर्यटकों के लिए खोली जा रही हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के संचालक ने बताया कि पर्यटकों के लिए गुफाएं 1 नवम्ंबर से 15 जून 2020 तक सुबह 8 बजे से दोपहर तीन बजे तक खुली रहेंगी। तीरथगढ़ जलप्रपात नियमित खुले रहने की जानकारी भी संचालक द्वारा दी गई है।

क्यों प्रसिद्ध है कुटुमसर की गुफा
कुटुमसर की गुफा जमीन से 55 फुट नीचे हैं। इनकी लंबाई 330 मीटर है। इस गुफा के भीतर कई पूर्ण विकसित कक्ष हैं जो 20 से 70 मीटर तक चौड़े हैं। विश्वप्रसिद्ध बस्तर की कुटुमसर गुफा कई रहस्यों को अभी भी अपने में समेटे हुए है जिनका द्वारा लगातार अध्ययन किया जा रहा है। एक अध्ययन से पता चला है कि करोड़ों वर्ष पूर्व प्रागैतिहासिक काल में बस्तर की कुटुमसर की गुफाओं में मनुष्य रहा करते थे। चूना पत्थर से बनी कुटुमसर की गुफाओं के आंतरिक और बाह्य रचना के अध्ययन के बाद शोधकर्ता कई निष्कर्षों पर पहुंचे हैं। उदाहरण के लिए चूना पत्थर के रिसाव, कार्बन डाईक्साइड तथा पानी की रासायनिक क्रिया से सतह से लेकर छत तक अद्भुत प्राकृतिक संरचनाएं गुफा के अंदर बन चुकी हैं।

गुफा में हैं अंधी मछलियां
पानी से घिरी हुई यह अंधेरी कुटुमसर गुफा, जहां अंधी मछलियां रहती है। यह गुफाएं बहुत पुरानी बनी है और अंधी मछलियों के लिए मशहूर है। जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती जिसके कारण यहां आने वाला व्यक्ति पूरी तरह अंधा महसूस करता है। जिसके कारण यहां कि मछलियों की आखों पर एक पतली सी झिल्ली चढ़ चुकी है, जिससे वे पूरी तरह अंधी हो गई हैं।

Published on:
31 Oct 2019 05:04 pm
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