CG News: पुनर्वास नीति के तहत बस्तर के पूर्व नक्सलियों को अलग-अलग काम में पारंगत बनाया जा रहा है। पुनर्वास केन्द्रों में उनके जीवन को बदलने की पहल हो रही है।
CG News: नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आज बस्तर एक नया इतिहास रचा है। पुलिस लाइन स्थित त्रिवेणी परिसर के सामने पंडुम कैफे अपनी तरह का पहला ऐसा कैफेटेरिया होगा, जहां नक्सल पीड़ित परिवारों और समर्पित नक्सलियों को रोजगार देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस संवेदनशील पहल का उद्घाटन आज सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने किया। पंडुम कैफे का संचालन दुर्ग की प्रसिद्ध नुक्कड़ संस्था करेगी, जो वर्षों से मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों की देखरेख और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सरकार के पुनर्वास नीति के तहत बस्तर के पूर्व नक्सलियों को अलग-अलग काम में पारंगत बनाया जा रहा है। पुनर्वास केन्द्रों में उनके जीवन को बदलने की पहल हो रही है। आड़ावाल के केन्द्र में करीब 30 सरेंडर नक्सली होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहे हैं साथ ही कई अन्य पूर्व नक्सलियों को टूरिस्ट गाइड बनाने की भी तैयारी हो रही है।
पुनर्वास योजना के तहत कैफे की शुरुआत में 15 नक्सल पीड़ित व समर्पित नक्सलियों को रोजगार दिया गया है। सभी को विभिन्न सम्मानजनक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले समय में और भी युवाओं को इस पहल से जोड़कर आजीविका के अवसर विस्तार दिए जाएंगे।
कैफे संचालक प्रियंक पटेल बताते हैं कि यहां आने वाले ग्राहकों को सिर्फ स्वादिष्ट भोजन ही नहीं, बल्कि बस्तरिया संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक जीवन से जुड़ी किताबें भी उपलब्ध कराएंगे। पाठक यहां इसे पढ़ेंगे।