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CG Opium Farming: दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब क्या बस्तर में? अफीम की तरह होती रही है गांजा की खेती

CG Opium Farming: बस्तर के बीजापुर जिले में गोदावरी नदी के किनारे लगभग 10 एकड़ भूमि में गांजा की अवैध खेती पकड़ी गई थी। 15 साल पहले यह मामला सामने आया था...

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CG Opium farming

बस्तर में 15 साल पहले गांजा की खेती का हुआ था खुलासा ( Photo - Patrika )

CG Opium Farming: छत्तीसगढ़ के दुर्ग व बलरामपुर जिले में हाल ही में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले के बाद अब बस्तर संभाग के दूरस्थ इलाकों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। करीब 15 साल पहले बीजापुर जिले में गोदावरी नदी के किनारे लगभग 10 एकड़ भूमि में गांजा की अवैध खेती पकड़ी गई थी। उस समय पुलिस की कार्रवाई ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहा। सूत्रों के अनुसार उस दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस की टीम बीजापुर के तारलागुड़ा और भद्रकाली क्षेत्र में पहुंची थी। जंगल और नदी किनारे स्थित खेतों में बड़े पैमाने पर गांजा के पौधे लगाए गए थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूरी फसल को नष्ट कर दिया था।

CG Opium Farming: सीमावर्ती राज्यों से जुड़ा है नशे का नेटवर्क

बस्तर की सीमा ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्यों से लगती है। विशेष रूप से ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरी और आसपास के जंगलों में वर्षों से बड़े पैमाने पर गांजा की खेती होने की खबरें सामने आती रही हैं। यहां तैयार होने वाले गांजा की देश के कई राज्यों में अवैध तस्करी भी की जाती है। हाल ही में ओडिशा पुलिस ने कोरापुट के जंगलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 करोड़ रुपये के हशीश उत्पाद और लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में नशे के नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

तकनीक और सतर्कता से लग सकता है अंकुश

दूरस्थ क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के लिए ड्रोन सर्विलांस, सैटेलाइट मैपिंग और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग जैसे उपाय कारगर साबित हो सकते हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता भी अवैध गतिविधियों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

जंगल और नदी किनारे इलाके बन सकते हैं अवैध खेती के लिए अनुकूल

विशेषज्ञों का मानना है कि घने जंगल, पहाड़ी इलाके और नदी किनारे की उपजाऊ जमीन अवैध खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। बस्तर के कई गांव ऐसे हैं जो मुख्य मार्गों से काफी दूर हैं और जहां तक पहुंचना आसान नहीं है। ऐसे में यदि निगरानी मजबूत न हो तो इस तरह की गतिविधियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

बस्तर पुलिस पकड़ती है करोड़ों का गांजा

बस्तर संभाग में भी समय-समय पर गांजा तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। बस्तर पुलिस द्वारा हर साल परिवहन के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया जाता है। अक्सर तस्कर ओडिशा से गांजा लाकर बस्तर के रास्ते दूसरे राज्यों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

गांजे के मामले में बस्तर पुलिस सतर्क और मुस्तैद है

पुलिस महानिरीक्षक, सुंदरराज पी ने बताया कि बस्तर में अभी तक गांजा की खेती से संबंधित कोई ठोस सूचना सामने नहीं आई है। बस्तर पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं। यदि कहीं भी इस तरह की जानकारी मिलती है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपियों की संख्या - 660
गांजा तस्करी के मामले - 380
बरामद गांजा - 18533
गांजा बरामद की कीमत - 12,14,87,033
राजसात वाहनों की संख्या - 297